LPG सिलेंडर की कीमतों में हुआ है कोई बदलाव? यहां चेक करें आज का रेट
LPG Price Today: आज रविवार को एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। कीमतें पुराने स्तर पर स्थिर हैं। आने वाले दिनों में एलपीजी सिलेंडर का रेट बढ़ सकता है।

LPG Price Today: एलपीजूी सिलेंडर की कीमतों में कोई भी बढ़ोतरी नहीं की गई है। घरेलू गैस सिलेंडर और कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के रेट पुराने स्तर पर ही बरकरार हैं। इंडियन ऑयल कारपोरेशन, भारत पेट्रोलियम और हिन्दुस्तान पेट्रोलियम ने गैस सिलेंडर के रेट में आज 10 मई को कोई इजाफा नहीं किया है। बता दें, आखिरी बार कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के रेट में 993 रुपये का बड़ा इजाफा किया गया था। जिसके बाद कई शहरों में कॉमर्शियल गैस सिलेंडर का रेट 3000 रुपये को पार कर गया।
कॉमर्शियल सिलेंडर का क्या चल रहा है रेट? (Commercial LPG Cylinder Rate Today)
दिल्ली - 3071.50 रुपये
कोलकाता - 3202 रुपये
मुंबई - 3024 रुपये
चेन्नई - 3237 रुपये
गुरुग्राम - 3088 रुपये
नोएडा - 3071.50 रुपये
बेंगलुरू - 3152 रुपये
भुवनेश्वर - 3238 रुपये
चंडीगढ़ - 3092.50 रुपये
हैदराबाद - 3315 रुपये
जयपुर - 3099 रुपये
लखनऊ - 3194 रुपये
पटना - 3346.50 रुपये
तिरुअनंतपुरम् - 3106 रुपये
घरेलू सिलेंडर का क्या है रेट? (Domestic LPG Cylinder Rate Today)
नई दिल्ली - 913 रुपये
कोलकाता - 939 रुपये
मुंबई - 912.50 रुपये
चेन्नई - 928.50 रुपये
गुरुग्राम - 921.50 रुपये
नोएडा - 910.50 रुपये
बेंगलुरू - 915.50 रुपये
भुवनेश्वर - 939 रुपये
चंडीगढ़ - 922.50 रुपये
हैदराबाद - 965 रुपये
जयपुर - 916.50 रुपये
लखनऊ - 950.50 रुपये
पटना - 1002.50 रुपये
तिरुअनंतपुरम् - 922 रुपये
कॉमर्शियल सिलेंडर के कब-कब बढ़े दाम (LPG Price hike updates)
28 फरवरी को ईरान और इजरायल के बीच युद्ध शुरू हुआ। मार्च में ही इसका असर दिख गया। तब कॉर्शियल गैस सिलेंडर के रेट में 144 रुपये का इजाफा किया गया था। वहीं, अप्रैल के महीने में गैस सिलेंडर का रेट 203 रुपये का बढ़ाया गया था। अप्रैल से अबतक कीमतों में 47 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी देखने को मिली है।
घरेलू गैस सिलेंडर के रेट में मार्च के महीने में बढ़ोतरी की गई थी। तब कीमतों को 60 रुपये बढ़ाया गया था। उसके बाद से कीमतों में कोई इजाफा नहीं किया गया है।
हो रहा है 30,000 करोड़ रुपये का नुकसान (LPG Rate Today Latest Updates)
युद्ध की वजह से एलपीजी की सप्लाई प्रभावित हुई है। वहीं, कच्चे तेल की कीमतों में तूफानी तेजी देखने को मिल रही है। जिसकी वजह से तेल कंपनियों को हर महीने औसतन 30,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। बता दें, बीते महीने सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में कटौती की थी। लेकिन यह राहत नाकाफी साबित हो रहा है।




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