3 महीने के लिए डीए पर हुआ बड़ा फैसला, इन कर्मचारियों के लिए गुड न्यूज
बैंक के कर्मचारियों के महंगाई भत्ता (DA) में बढ़ोतरी की गई है। सरकार ने 1 मई से बैंक कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता बढ़ाया है। बता दें कि केंद्रीय कर्मचारियों के डीए में 2% की बढ़ोतरी करके इसे 58% से बढ़ाकर 60% कर दिया गया है।

केंद्रीय कर्मचारियों के बाद अब बैंक के कर्मचारियों के महंगाई भत्ता (DA) में बढ़ोतरी की गई है। सरकार ने 1 मई से बैंक कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता बढ़ाया है। बढ़ी हुई DA दरें मई-जुलाई 2026 के लिए लागू होंगी। बता दें कि यह घोषणा केंद्र सरकार द्वारा अपने कर्मचारियों के लिए DA के ऐलान के बाद की गई है। केंद्रीय कर्मचारियों के डीए में 2% की बढ़ोतरी करके इसे 58% से बढ़ाकर 60% कर दिया गया है। बहरहाल, आइए बैंक कर्मचारियों के डीए बढ़ोतरी की डिटेल जान लेते हैं।
कितनी हुई बढ़ोतरी?
नए बदलाव के मुताबिक DA को 25.70% पर तय किया गया है, जो पिछली तिमाही के 25% से अधिक है। यह 2026 के पहले तीन महीनों के औसत उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) पर आधारित है। इसका मतलब है कि DA में 0.70% की बढ़ोतरी की गई है। ऐसे में बैंक कर्मचारियों को इस तिमाही में अपनी सैलरी में मामूली बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। मामूली ही सही लेकिन इसका प्रभाव हर लेवल के कर्मचारियों पर पड़ेगा।
उदाहरण से समझें
अगर किसी बैंक कर्मचारी की बेसिक सैलरी लगभग ₹67,000 है तो 25% की पिछली दर से डीए ₹21,451.85 बनता था। अब नए संशोधन के बाद डीए 25.70% हो गया है। रकम में यह ₹22,052.50 हो जाता है। इसका मतलब है कि कर्मचारियों के डीए में हर महीने ₹600.65 की अतिरिक्त बढ़ोतरी होती है। जैसे-जैसे बेसिक सैलरी बढ़ेगी डीए की रकम में भी बढ़ोतरी होगी।
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से सरकार ने क्या कहा?
हाल ही में सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) से 13वें द्विपक्षीय वेतन समझौते के लिए बातचीत की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से शुरू करने और इसे अगले 12 महीनों में अंतिम रूप देने को कहा है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए वेतन संशोधन एक नवंबर 2027 से देय होगा। बता दें कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और बीमा कंपनियों सहित वित्तीय संस्थान अपने कर्मचारियों के वेतन का संशोधन हर पांच वर्ष में करते हैं। इस प्रक्रिया के तहत भारतीय बैंक संघ (आईबीए) कर्मचारी संगठनों और संघों के साथ बातचीत कर सहमति से वेतन समझौता करता है।
वित्तीय सेवा विभाग ने एक पत्र के माध्यम से बैंकों के प्रमुखों को निर्देश दिया कि वे आगामी वेतन संशोधन के लिए बातचीत शुरू करने के आवश्यक कदम उठाएं। इस पत्र में कहा गया है कि बातचीत की प्रक्रिया अधिकतम 12 महीनों में पूरी कर ली जानी चाहिए। कहने का मतलब है कि बैंक कर्मचारियों की सैलरी नए साल में बढ़ जाएगी।




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