17 अप्रैल को खुल रहा है यह IPO, 99 रुपये से 100 रुपये प्राइस बैंड सेट, जानें क्या है प्लान
Citius TransNet Investment Trust InvIT IPO निवेशकों के लिए 17 अप्रैल से 21 अप्रैल तक खुला रहेगा। ट्रस्ट ने आईपीओ के लिए 99 रुपये से 100 प्रति शेयर प्राइस बैंड तय किया है।

IPO News: Citius TransNet Investment Trust InvIT IPO ने प्राइस बैंड सेट कर दिया है। ट्रस्ट ने आईपीओ के लिए 99 रुपये से 100 रुपये प्रति शेयर प्राइस बैंड निर्धारित किया है। यह InvIT IPO निवेशकों के लिए 17 अप्रैल को खुल जाएगा। उनके पास 21 अप्रैल तक इस पर दांव लगाने का मौका रहेगा। एंकर निवेशक 16 अप्रैल को ही इस पर दांव लगा पाएंगे। बता दें, आईपीओ का लॉट साइज 150 शेयरों का बनाया गया है। Citius TransNet Investment Trust InvIT IPO की लिस्टिंग बीएसई और एनएसई दोनों जगह होगी।
आईपीओ से जुड़े डीटेल्स क्या हैं
Citius TransNet Investment Trust InvIT IPO का साइज 1105 करोड़ रुपये का है। आईपीओ से जुटाए 1000 करोड़ रुपये का प्रयोग ट्रस्ट SRPL Roads Private Ltd के आंशिक या पूरा सिक्योरिटीज के अधिग्रहण के लिए करेगी। इसके अलावा थ्रिसूर एक्सप्रेस वेस, जोरबाट शिलॉन्ग एक्सप्रेस वे, धोला इंफ्रा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड और दिबांग इंफ्रा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड के लिए किया जाएगा। बाकि बचे पैसों का उपयोग कंपनी जनरल कॉरपोरेट कार्यों के लिए करेगी।
इस आईपीओ के लिए एक्सिस कैपिटल, एमबिट प्राइवेट लिमिटेड और आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज को बुक रनिंग लीड मैनेजर नियुक्त किया है। वहीं, केफिन टेक्नोलॉजी को इश्यू का रजिस्ट्रार बनाया गया है।
क्या करती है कंपनी?
Citius TransNet Investment Trust एक ट्रांसपोर्ट फोकस्ड इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट है। यह भारत में रोड सहित ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर एसेट का अधिग्रहण, मैनेज और इनवेस्टमेंट के लिए बनाई गई है।
ट्रस्ट की आर्थिक स्थिति कैसी है?
वित्त वर्ष 2025 में इस ट्रस्ट का रेवन्यू 1987.05 करोड़ रुपये रहा था। वित्त वर्ष 2023 में ट्रस्ट का रेवन्यू 1044.95 करोड़ रुपेय रहा है। 2025 के शुरुआती 9 महीने में ट्रस्ट का रेवन्यू 1496.36 करोड़ रुपये रहा है। वहीं, इस दौरान कैश फ्लो 782.02 करोड़ रुपये है।
ग्रे मार्केट में क्या है हाल?
इनवेस्टर्स गेन की रिपोर्ट के अनुसार ग्रे मार्केट में यह ट्रस्ट जीरो रुपये के प्रीमियम पर आज सोमवार को ट्रेड कर रहा है। जीएमपी में इस आईपीओ को लेकर कोई भी हलचल नहीं देखने को मिल रहा है।
आईपीओ के कुल साइज का अधिकतम 75 प्रतिशत क्वालीफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए सुरक्षित रखा गया है। वहीं, एनआईआई के लिए कम से कम 25 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व रहेगा। बता दें, शेयरों का अलॉटमेंट 24 अप्रैल को होगा। वहीं, बीएसई और एनएसई में कंपनी की लिस्टिंग 29 अप्रैल को प्रस्तावित है।
(यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।)




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