55% गिरा मुनाफा, फिर भी हर शेयर पर ₹13 डिविडेंड बांटेगी ये फार्मा कंपनी; शेयर में जोरदार तेजी
सिप्ला (Cipla Ltd) ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में ₹555 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया है, जो पिछले साल की तुलना में 55% कम है। हालांकि, कंपनी का भारतीय कारोबार 15% की दर से बढ़ा है और बोर्ड ने ₹13 प्रति शेयर के डिविडेंड की घोषणा की है।

भारत की दिग्गज दवा कंपनी सिप्ला लिमिटेड (Cipla Ltd) ने बुधवार को अपने चौथी तिमाही (Q4) के वित्तीय परिणाम घोषित किए। इन नतीजों ने बाजार को थोड़ा चौंका दिया है, क्योंकि कंपनी के शुद्ध लाभ (Net Profit) में सालाना आधार पर 55% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, मुनाफे में कमी के बावजूद कंपनी ने अपने शेयरधारकों के लिए डिविडेंड का ऐलान किया है और भारत में अपने कारोबार को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।
वित्तीय नतीजों का संक्षिप्त विवरण
कंपनी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 को समाप्त हुई तिमाही में सिप्ला का समेकित शुद्ध लाभ (consolidated net profit) गिरकर ₹555 करोड़ रह गया है पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने ₹1,222 करोड़ का शानदार मुनाफा कमाया था। रेवेन्यू (Revenue) की बात करें तो परिचालन से होने वाली आय भी 3% घटकर ₹6,541 करोड़ रही। वहीं, कंपनी का कामकाजी मुनाफा (EBITDA) 35% गिरकर ₹997 करोड़ रहा, जबकि मार्जिन 22.8% से घटकर 15.2% पर आ गया।
भारत में मजबूत पकड़
सिप्ला के लिए सबसे राहत की बात इसका भारतीय कारोबार (One India business) रहा। इसमें प्रिस्क्रिप्शन दवाएं, ट्रेड जेनेरिक्स और कंज्यूमर हेल्थ शामिल हैं। भारतीय बाजार से होने वाली आय 15% बढ़कर ₹3,007 करोड़ रही। कंपनी के लोकप्रिय ब्रांड्स जैसे Nicotex, Omnigel और Cipladine ने अपनी बादशाहत बरकरार रखी है। श्वसन (Respiratory), कार्डियक और एंटी-डायबिटीज दवाओं की डिमांड में भी अच्छी बढ़ोतरी देखी गई है।
अमेरिका और दक्षिण अफ्रीका का हाल
उत्तरी अमेरिका में कंपनी का कारोबार दबाव में रहा। यहां से होने वाला राजस्व 26% गिरकर ₹1,414 करोड़ रह गया। हालांकि, कंपनी को अपनी अमेरिकी सुविधा से बनी 'gVentolin' के जेनेरिक वर्जन के लिए नियामक मंजूरी मिल गई है, जो भविष्य के लिए अच्छा संकेत है। दक्षिण अफ्रीका के कारोबार में 21% की मजबूत बढ़त देखी गई, जिसमें अकेले दक्षिण अफ्रीका का रेवेन्यू 33% उछला।
निवेशकों के लिए ₹13 का डिविडेंड
मुनाफे में गिरावट के बावजूद सिप्ला के बोर्ड ने अपने निवेशकों को निराश नहीं किया है। बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹13 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड (लाभांश) की सिफारिश की है। इस डिविडेंड के लिए 5 जून को रिकॉर्ड डेट तय की गई है।
मैनेजमेंट का नजरिया
सिप्ला के एमडी और ग्लोबल सीईओ अचिन गुप्ता ने कहा कि कुछ बाजारों में चुनौतियों के बावजूद कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 में अपना अब तक का सबसे अधिक वार्षिक राजस्व दर्ज किया है। उन्होंने बताया कि कंपनी का ध्यान आने वाले समय में अपने फ्लैगशिप ब्रांड्स को और मज़बूत करने और नई दवाओं की पाइपलाइन में निवेश बढ़ाने पर रहेगा।
शेयर बाजार की प्रतिक्रिया
CIPLA के शेयरों में बुधवार को शानदार तेजी देखने को मिली। कमजोर Q4 नतीजों के बावजूद कंपनी का स्टॉक NSE पर 4.14% यानी 53.50 रुपये की बढ़त के साथ 1,345.80 रुपये पर कारोबार कर रहा है। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक निवेशकों ने कंपनी के मजबूत इंडिया बिजनेस, अफ्रीका में तेज ग्रोथ, 13 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड और भविष्य की नई दवा पाइपलाइन पर भरोसा जताया है।




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