कंपनी को 34 महीने के लिए मेट्रो का मिला काम, अब शेयर पर निवेशकों की रहेगी नजर
सीगल इंडिया के शेयर भले ही सुस्त नजर आ रहे हों लेकिन सोमवार को हलचल की उम्मीद है। दरअसल, कंपनी के जॉइंट वेंचर को जयपुर मेट्रो के विस्तार के लिए ₹918 करोड़ का एक बड़ा कॉन्ट्रैक्ट मिला है। आइए डिटेल जान लेते हैं।

सप्ताह के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार को सीगल इंडिया के शेयर पर निवेशकों की नजर रहने वाली है। ये हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि सीगल इंडिया को एक बड़ा कॉन्ट्रैक्ट मिला है। बता दें कि सीगल इंडिया के शेयर 338.85 रुपये के स्तर पर हैं। 29 अप्रैल को शेयर 345 रुपये तक गया था। यह शेयर के 52 हफ्ते का हाई भी है।
क्या कहा कंपनी ने?
सीगल इंडिया ने घोषणा की है कि उसके जॉइंट वेंचर को जयपुर मेट्रो के विस्तार के लिए ₹918 करोड़ का एक बड़ा कॉन्ट्रैक्ट मिला है। कंपनी ने पुष्टि की कि CIL–SAM India जॉइंट वेंचर को 1 मई को जयपुर मेट्रो रेल कॉरपोरेशन से लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस (LOA) मिला है। इस ज्वाइंट वेंचर में जयपुर रेल कॉरपोरेशन और CIL–SAM इंडिया शामिल है, जिसमें सीगल इंडिया की 74% हिस्सेदारी और SAM India Builtwell प्राइवेट लिमिटेड की 26% हिस्सेदारी है।
प्रोजेक्ट की डिटेल
यह प्रोजेक्ट शहरी कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने और सार्वजनिक परिवहन के इंफ्रा को मजबूत करने पर बढ़ते फोकस को दिखाता है। इस प्रोजेक्ट के तहत जॉइंट वेंचर दस एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन बनाएगा। इन स्टेशनों में प्रहलादपुरा, मानपुरा, बिलवा कलां, बिलवा, गोनेर मोड़, सीतापुरा, JECC, कुंभा मार्ग, हल्दीघाटी गेट और पिंजरापोल गौशाला शामिल हैं। इस काम में डिपो से जुड़ने वाली एक स्पर लाइन भी शामिल है। कुल 10.8 किलोमीटर की लंबाई वाला यह प्रोजेक्ट 34 महीनों में पूरा किया जाएगा। कॉन्ट्रैक्ट की कुल कीमत ₹918.04 करोड़ है, जिसमें 18% GST भी शामिल है। हालांकि, वास्तुकला से जुड़े फिनिशिंग के काम इस पैकेज से बाहर रखे गए हैं।
कंपनी के चेयरमैन ने क्या कहा?
सीगल के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर रमनीक सहगल ने कहा कि यह कॉन्ट्रैक्ट कंपनी के लिए अहम मील का पत्थर है। इसके जरिए कंपनी सड़कों और हाईवे से आगे बढ़कर मेट्रो रेल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में विस्तार कर रही है। हम इस प्रोजेक्ट को क्वालिटी, सुरक्षा और समय पर पूरा करने के उच्चतम मानकों के साथ पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
मध्य प्रदेश में समझौता
बीते महीने ही सीगल इंडिया की इकाई सीगल ग्रीन एनर्जी एमपी लिमिटेड ने 'सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना' के तहत 130 मेगावाट की सौर क्षमता से बिजली आपूर्ति के लिए मध्य प्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी के साथ 15 बिजली खरीद समझौते (पीपीए) किए हैं। सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना का उद्देश्य समर्पित सौर फीडर के माध्यम से कृषि क्षेत्र को दिन के समय बिजली देना है। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित ईपीसी (इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण) लागत जीएसटी सहित 572 करोड़ रुपये है। इसमें 12 महीने की कार्यान्वयन अवधि और उसके बाद 25 साल की परिचालन अवधि शामिल है।




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