bhindi and beans sold rs 3 torai at rs 6 karela rs15 per kg there is a vast disparity between mandi and retail price भिंडी ₹3, तोरई ₹6, करेला ₹15 किलो, मंडी और फुटकर रेट में जमीन-आसमान का अंतर, Business Hindi News - Hindustan
More

भिंडी ₹3, तोरई ₹6, करेला ₹15 किलो, मंडी और फुटकर रेट में जमीन-आसमान का अंतर

Green Vegetables Price: दिल्ली के आजादपुर मंडी में भिंडी 20 रुपये किलो बिका तो फुटकर में 60 रुपये बिक रहा था। तोरई 15 रुपये किलो, अमरोहा वाली तोरई 24 रुपये किलो, लोकल तोरई 25 रुपये किलो, बोड़ो 20 रुपये किलो, करेला 12 रुपये किलो बिकी।

Mon, 25 May 2026 01:49 PMDrigraj Madheshia लाइव हिन्दुस्तान
share
भिंडी ₹3, तोरई ₹6, करेला ₹15 किलो, मंडी और फुटकर रेट में जमीन-आसमान का अंतर

हरी सब्जियों के रेट बुरी तरह गिर गए हैं। भिंडी ₹3, बोड़ा ₹3, तोरई ₹6, करेला ₹15 रुपये किलो बिक रहा है। लौकी भी 5 से 10 रुपये पीस मिल रही है। हरी मिर्च 40 रुपये किलो पर आ गई है। पहली नजर में आपको यह फेक न्यूज लग सकती है, लेकिन है सोलह आने सच। हरी सब्जियों के मंडी रेट और फुटकर रेट में जमीन आसमान का अंतर है।

हरी सब्जियों के फुटकर और थोक रेट

शिवसाागर दिल्ली में सब्जी की दुकान लगाते हैं। आजादपुर मंडी से सब्जियां लाना उनका रोज का काम है। उन्होंने हिन्दुस्तान को जो जानकारी दी उसके मुताबिक दिल्ली के आजादपुर मंडी में शनिवार को भिंडी 20 रुपये किलो बिका तो फुटकर में 60 रुपये बिक रहा था। तोरई 15 रुपये किलो, अमरोहा वाली तोरई 24 रुपये किलो, लोकल तोरई 25 रुपये किलो, बोड़ो 20 रुपये किलो, करेला 12 रुपये किलो बिकी। यही सब्जियां फुटकर में 40 से 60 रुपये किलो बिक रही हैं।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:दालें भी हुईं महंगी, पेट्रोल-डीजल और गैस पहले से ही बिगाड़ रहे घर का बजट

दूसरी ओर अगर फुटकर रेट की बात करें तो दिल्ली-नोएडा से लेकर किसी भी महानगर में इन्हीं सब्जियों के रेट फुटकर में 40 रुपये से 60 रुपये किलो हैं। जबकि, छोटे कस्बों और गांवों में महज दो से तीन गुने का अंतर है।

किस मंडी में इतनी सस्ती मिल रहीं हरी सब्जियां

कप्तानगंज सब्जी मंडी

आप पूछेंगे कि किस मंडी में भिंडी 3 रुपये और तोरई यानी नेनुआ 6 रुपये किलो मिल रहा है? तो जवाब है उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले कस्बे कप्तानगंज की थोक सब्जी मंडी में। दरअसल पिछले कई दिनों से यहां सब्जियों के रेट काफी गिरे हुए हैं। एक किसान मंडी में 1 क्विंटल बोड़ा लाते हैं तो 1 क्विंटल गाय को खिला देते हैं।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:पेट्रोल-डीजल के रेट चौथी बार बढ़े, पेट्रोल ₹2.61 और डीजल ₹2.71 हुआ और महंगा

हरी सब्जियों से लहलहाते खेत, फिर भी क्यों उदास हैं किसान

इसी जिले के मथौली कस्बे में किसान गिरजा यादव एक खेत हुंडी यानी किराए पर लिए हैं। उनके खेत में भिंडी की फसल लहलहा रही है। पौधे भिडिंयों से लदे पड़े हैं। रविवार सुबह उनके खेत में गिरजा और घर के ही दो और सदस्य भिंडी तोड़ने में लगे थे। कई बोरे भिंडी तोड़ने के बावजूद उनके चेहरे पर कोई खुशी नहीं थी। गिरजा कह रहे थे कि लागत तो छोड़िए अपनी मजदूरी भी नहीं निकल रही। एक क्विंटल भिंडी अगर मंडी में बेचेंगे तो 300 रुपये मिलेंगे। अपने लोकल मार्केट में कम से कम 600 तो मिल ही जाएंगे।

गिरजा यादव

गिरजा यादव बताते हैं कि उधर बेमौसम बारिश हुई तो हरी सब्जियों की पैदावार अचानक बढ़ गई। इससे मंडियों और छोटे-छोटे बाजारों में भी हरी सब्जियों के रेट काफी गिर गए।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:देश के सामने खाद का संकट! यूरिया से लेकर अमोनिया, सल्फर के बढ़े दाम

यही भिंडी, करेला, परवल, तोरई एक महीने पहले 60 रुपये से ऊपर थे। इसके अलावा लोग अब छतों पर भी हरी सब्जियां उगाने लगे हैं। इसका प्रभाव भी मार्केट पर पड़ रहा है।

जानें Hindi News, Business News, Budget 2026, बजट 2026 Live, Income Tax Live Updates की लेटेस्ट खबरें, शेयर बाजार का लेखा-जोखा, Share Market के लेटेस्ट अपडेट्स Investment Tips के बारे में सबकुछ।,