Axis बैंक की 2 कंपनियां शेयर बाजार में होंगी लिस्ट, CEO ने बता दिया पूरा प्लान
प्राइवेट सेक्टर के एक्सिस बैंक की दो सहायक कंपनियों में एक एक्सिस फाइनेंस को अगले 2 से 2.5 वर्षों में शेयर बाजार में सूचीबद्ध करने की योजना है। वहीं, एक्सिस मैक्स लाइफ इंश्योरेंस को Max फाइनेंशियल सर्विस के साथ रिवर्स मर्ज कर लिस्ट करने की तैयारी है।

अगर सबकुछ ठीक रहा तो प्राइवेट सेक्टर के एक्सिस बैंक की दो सहायक कंपनियां शेयर बाजार में लिस्ट होंगी। जानकारी के मुताबिक एक्सिस फाइनेंस को अगले 2 से 2.5 वर्षों में शेयर बाजार में सूचीबद्ध करने की योजना है। वहीं, एक्सिस मैक्स लाइफ इंश्योरेंस को Max फाइनेंशियल सर्विस के साथ रिवर्स मर्ज कर लिस्ट करने की तैयारी है। इसके संकेत एक्सिस बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO अमिताभ चौधरी ने दिए हैं।
क्या कहा सीईओ ने?
अमिताभ चौधरी इस बात से भी बेहद उत्साहित हैं कि भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकों को मर्जर और एक्विजिशन (M&A) के लिए फंड देने की अनुमति दी है। उन्होंने कहा- हमने पहले ही अपने अंदर एक M&A ग्रुप बना लिया है। मनीकंट्रोल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा- मुझे लगता है कि हम शायद उन गिने-चुने बैंकों में से एक हैं जिनके पास प्रोडक्ट्स की पूरी रेंज है, इसलिए हम किसी भी खरीदार के पास जाकर उन्हें पूरे डेब्ट स्पेस और यहां तक कि इक्विटी स्पेस में भी हर तरह के समाधान दे सकते हैं।
उन्होंने बताया कि हम M&A (विलय और अधिग्रहण) के क्षेत्र पर काफी सक्रियता से नजर रख रहे हैं। हमारा मानना है कि इस तरह के सौदों से प्रमोटरों के साथ हमारे रिश्ते और मजबूत होंगे।
बैंक का परफॉर्मेंस
बैंक के हालिया प्रदर्शन की बात करें तो दिसंबर तिमाही के दौरान 14% डिपॉजिट ग्रोथ और 15% लोन ग्रोथ रहा, जो प्रतिस्पर्धियों से बेहतर रही। हालांकि, बैंक के सीईओ ने चेतावनी दी कि अगर वैश्विक युद्ध लंबा चलता है तो लोन ग्रोथ में कुछ सुस्ती आ सकती है। इसके बावजूद उन्होंने यह भी कहा कि कच्चे माल की कीमतें बढ़ने से कंपनियों की वर्किंग कैपिटल जरूरतें बढ़ सकती हैं, जिससे लोन की मांग में उछाल भी आ सकता है। एनपीए या लोन स्ट्रेस को लेकर भी चौधरी ज्यादा चिंतित नहीं हैं। हालांकि, जमा (डिपॉजिट) की लागत और मार्जिन पर असर इसका असर पड़ने की आशंका है।
बैंक का प्लान
हाल ही में एक्सिस बैंक ने बताया कि वह अपनी एनबीएफसी इकाई एक्सिस फाइनेंस लिमिटेड (एएफएल) में कारोबार वृद्धि के लिए अगले एक वर्ष में राइट्स इश्यू के माध्यम से 1,500 करोड़ रुपये निवेश करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। कंपनी ने कहा कि यह निवेश एएफएल के राइट्स इश्यू के जरिये किया जाएगा।
बता दें कि एएफएल, बैंक की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी है। बैंक ने कहा कि 31 मार्च 2027 तक एक या अधिक किश्तों में 1,500 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 10 मार्च 2026 को पत्र के माध्यम से मंजूरी दी थी। एएफएल का कारोबार वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही में 2,504 करोड़ रुपये रहा जबकि समूचे वित्त वर्ष 2024-25 में यह 4,296 करोड़ रुपये रहा था।




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