8th Pay Commission: सरकारी कर्मचारियों के नए पे कमीशन में 3 गुना बढ़ेगी सैलरी? फिटमेंट फैक्टर पर निगाह
8th Pay Commission: सरकारी कर्मचारियों की निगाह 8वें वित्त आयोग पर टिकी हुई है। इस आयोग के पास 18 महीने का समय है। अब देखना है कि पे कमीशन कितना फिटमेंट फैक्टर रखता है।

8th Pay Commission: 8वें पे कमीशन को लेकर इस समय सरकारी कर्मचारियों के बीच खूब चर्चा हो रही है। सबसे बड़ा सवाल है कि 7वें पे कमीशन की तुलना में 8वें पे कमीशन में कितना सैलरी बढ़ेगी? यह फैसला फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर करेगा। इस फिटमेंट फैक्टर के जरिए सैलरी में इजाफा सरकार करेगी। ऐसे अधिक फिटमेंट फैक्टर होने की स्थिति में कर्मचारियों की सैलरी अधिक होगी।
क्या होता है फिटमेंट फैक्टर? (8th Pay Commission Fitment Factor)
सेंट्रल पे कमीशन एक गणना करता है जिसके आधार पर सैलरी या पेंशन में इजाफा किया जाता है। इस गणित की गणना को फिटमेंट फैक्टर कहा जाता है।
पे कमीशन मौजूदा सैलरी x फिटमेंट फैक्टर के परिणाम को नया बेसिक सैलरी या पेंशन तय किया जाता है। 7वें वित्त आयोग के दौरान पे कमीसन ने 2.57 फिटमेंट फैक्टर को उपयोग किया था। जिसके बाद कर्मचारियों की कम से कम बेसिक सैलरी को 7000 रुपये से बढ़ाकर 18000 रुपये कर दी गई थी।
8वें वित्त आयोग में कितना रहेगा फिटमेंट (8th Pay Commission latest updates)
मौजूदा समय में फिटमेंट फैक्टर को लेकर कोई भी अनुमान सरकार की तरफ से नहीं किया गया है। हालांकि, कई रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया है कि पे कमीशन 2.28 से 3.83 फिटमेंट फैक्टर रख सकता है। बता दें, 8वां वित्त आयोग 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होगा। ऐसे जनवरी से नए पे कमीशन के लागू हो जाने तक का पैसा सरकारी कर्मचारियों को एरियर के तौर मिलेगा। वहीं, डीए फिर से शून्य हो जाएगा। मौजूदा समय में केंद्र सरकार के कर्मचारियों को 60 प्रतिशत का डीए मिल रहा है। हाल ही में सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों का डीए 2 प्रतिशत बढ़ा दिया था।
5वें वित्त आयोग तक फिटमेंट फैक्टर का उपयोग नहीं किया जाता था। पहले सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव कई अन्य तरीकों के अधार पर किया जाता रहा है।
1.1 करोड़ लोगों को फायदा
8वें वित्त आयोग की मांग बहुत पहले से कर्मचारियों की तरफ से की जा रही थी। सरकार ने पिछले साल नवंबर में 8वें वित्त आयोग का गठन किया था। इस आयोग के पास 18 महीने का समय है। आयोग की अनुशंसा का आधार पर सैलरी और पेंशन स्ट्रक्चर में बदलाव होगा। आयोग ने कई बैठकें भी कर ली हैं। अलग-अलह समूहों से पे कमीशन की तरफ से सुझाव भी लगातार मांगा जा रहा है। इस बार के पे कमीशन के फैसले से 1.1 करोड़ लोगों को फायदा होगा।
भारत में पहली बार पे कमीशन की शुरुआत 1946 में हुई थी। इसके बाद हर 10 साल में पे कमीशन का ऐलान होता रहा है।




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