भाई वीरेंद्र केस: पति के डेथ सर्टिफिकेट के लिए घूस मांग रहा था पंचायत सचिव, महिला का आरोप
महिला ने आगे बताया, उसके बाद हम करीब छह दिन बाद ब्लॉक में गए क्योंकि हमको बच्चों का दाखिला गांव से बाहर कराना है और मेरे लिए कागजात जरुरी था। हमने वहां उनसे पूछा कि क्या मेरे पति का मृत्यु प्रमाण पत्र बन गया है? तब उन्होंने कहा कि नहीं, पहले पैसा लेकर आईं हैं।

राष्ट्रीय जनता के विधायक भाई वीरेंद्र पर केस दर्ज कराने वाले पंचायत सचिव संदीप कुमार खुद विवादों में घिर गए हैं। अब एक महिला ने मनेर प्रखंड के पंचायत सचिव संदीप कुमार पर घूस मांगने का संगीन इल्जाम लगाया है। महिला का आरोप है कि वो अपने पति का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए प्रखंड कार्यालय गई थीं लेकिन वहां पंचायत सचिव संदीप कुमार ने उसने रिश्वत की मांग की और नहीं देने पर बदतमीजी भी की है।
मीडिया से बातचीत में पंचायत सचिव पर आरोप लगाने वाली महिला पिंकी देवी ने कहा कि यह सभी जानते हैं कि अपने पति की मृत्यु का प्रमाण पत्र पाना एक महिला के लिए कितना जरुरी है। हम बोले उनसे (पंचायत सचिव) कि कितना खर्चा लगेगा? तो उन्होंने कहा कि 1500 रुपया लगेगा। इसपर हमने कहा कि सर, मेरे पास इतने पैसे नहीं हैं। हम गरीब घर की महिला हैं और मेरे पास इतना पैसा नहीं है। मेरे पति की हाल में ही मौत हुई है। तो उन्होंने कहा कि फिर नहीं होगा क्योंकि हमको ऊपर तक देना पड़ता है।
इसपर हमने उनसे कहा कि सर, कुछ कम कर दीजिए तो उन्होंने कहा कि नहीं कम नहीं होगा, 1500 रुपया ही लगेगा। मेरे पास उस वक्त 600 रुपये से कुछ कम थे। हम उनको 500 रुपया दे चुके थे। हमने उनसे कहा कि मृत्यु प्रमाण पत्र बना दीजिए, तो उन्होंने कहा कि ठीक है। महिला ने आगे बताया, उसके बाद हम करीब छह दिन बाद ब्लॉक में गए क्योंकि हमको बच्चों का दाखिला गांव से बाहर कराना है और मेरे लिए कागजात जरुरी था। हमने वहां उनसे पूछा कि क्या मेरे पति का मृत्यु प्रमाण पत्र बन गया है?
तब उन्होंने कहा कि नहीं, पहले पैसा लेकर आईं हैं। तो मैंने कहा कि मेरे पास अभी पैसा नहीं है। बच्चों की परीक्षा हो जाएगी तो हम पैसे दे देंगे। लेकिन इसके बाद उन्होंने बदतमीजी शुरू कर दी। उन्होंने मेरा हाथ पकड़कर बाहर कर दिया, धक्का दिया और बोला कि जाओ जो करना है कर लो। हमने उनसे कहा कि आप अगर मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं देंगे तो हम आगे कदम उठाएंगे क्योंकि हमारे लिए प्रमाण पत्र जरुरी है। इसपर उन्होंने कहा कि जाओ जो करना है कर लो, हम किसी को नहीं पहचानते हैं।'
आपको बता दें कि अभी हाल ही में पंचायत सचिव और राजद विधायक भाई वीरेंद्र के बीच हुई बातचीत का एक ऑडियो क्लिप काफी वायरल हुआ था। इसके बाद पंचायत सचिव ने भाई वीरेंद्र के खिलाफ एससी-एसटी थाने में केस दर्ज करवाया था। केस दर्ज किए जाने के बाद इस मामले में पुलिस ने भी अपनी जांच तेज कर दी है। पुलिस कॉल डिटेल निकलवा रही है और साथ ही साथ राजद विधायक से पूछताछ करने की भी तैयारी है।




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