क्या अति पिछड़ा कथावाचक नहीं बन सकता, इटावा कांड की आग पहुंची बिहार; तेजस्वी ने BJP को घेरा
राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा, ‘कथावाचकों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। कथा कहने का हक सभी को है। भाजपा के लोगों को जवाब देना चाहिए कि क्या पिछड़ा या अति पिछड़ा कथावाचक नहीं बन सकता? क्या दलित किसी मंदिर का पुजारी नहीं बन सकता?'
उत्तर प्रदेश के इटावा में कथावाचकों के साथ हुई बदलसूकी और मारपीट की आग अब बिहार पहुंच चुकी है। बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस पूरे मामले को दलितों, पिछड़ों और अति पिछड़ों से जोड़ते हुए बीजेपी को घेरा है। बता दें कि बिहार में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं और ऐसे में राजनीतिक दल के नेता किसी भी बड़े मुद्दे पर एक-दूसरे को घेरने का मौका नहीं छोड़ रहे हैं। अब यूपी के इटावा में हुए कांड पर तेजस्वी यादव ने पूछ लिया है कि क्या अति पिछड़ों को कथावाचक बनने का हक नहीं है? तेजस्वी यादव ने कहा कि यह भाजपा-आरएसएस का असली चरित्र है। वे किसी दलित या ओबीसी को सम्मान मिलते नहीं देख सकते।
पटना में पत्रकारों से बातचीत में राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा, ‘कथावाचकों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। कथा कहने का हक सभी को है। भाजपा के लोगों को जवाब देना चाहिए कि क्या पिछड़ा या अति पिछड़ा कथावाचक नहीं बन सकता? क्या दलित किसी मंदिर का पुजारी नहीं बन सकता? क्या हमलोग हिन्दू नहीं हैं जो भगवान की कथा को लोगों के सामने पेश करें? ये बीजेपी के लोगों का दोहरा चरित्र है। जो इन्होंने आरएसएस से सीखा है वहीं चीजें हैं इनके पास और तो कुछ है नहीं। गांधी जी की गोली मारने वाले की यह लोग पूजा करते हैं। यह लोग सामने से तो दलितों या पिछड़ों के लिए बात करते हैं लेकिन इनके मन में दलितों के लिए बहुत नफरत है।’
इटावा में क्या हुआ…
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में दांदरपुर गांव में कथित तौर पर ब्राह्मण समुदाय के लोगों ने यादव जाति के एक कथा वाचक और उसके सहयोगी का सिर मुंडवा दिया। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के एक अधिकारी ने सोमवार देर रात बताया था कि घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर आया जिसपर संज्ञान लेते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है।
अखिलेश यादव ने दी थी तीखी प्रतिक्रिया
इस घटना को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर तीन दिनों में कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो ‘पीडीए के मान-सम्मान की रक्षा’ के लिए एक बड़े आंदोलन का आह्वान किया जाएगा। यह घटना रविवार और सोमवार की मध्यरात्रि को हुई थी।
इटावा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने पत्रकारों को बताया कि जिस व्यक्ति का सिर मुंडवाया गया था, उसकी शिकायत के आधार पर इटावा जिले के बकेवर थाने में मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि मुख्य आरोपी समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है और अपर पुलिस अधीक्षक को घटना की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पीड़ित कथावाचक ने क्या कहा था…
एसएसपी ने बताया कि उक्त घटना के संबंध में दूसरे पक्ष का कहना है कि कथावाचकों ने उनसे जाति छिपाई। पत्रकारों से बातचीत में पीड़ित कथा वाचक ने कहा, ‘‘ मैं पहले एक निजी स्कूल संचालित करता था लेकिन सरकार ने स्कूल बंद करवा दिया, इसलिए मैं भागवत कथा करने लगा और कथा वाचक मुकुट मणि का सहायक बन गया।’’
उसने कहा, ‘‘हमें 21 जून से दांदरपुर गांव में भागवत कथा के लिए बुलाया गया था। हमसे हमारी जाति पूछी गई। इसके बाद मुझे पूरी रात प्रताड़ित किया गया और मेरे बाल मुंडवा दिए गए।’’




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