We will also have to get a new document made Tejashwi is worried about his wife name being deleted from the voter list हमको भी नया डॉक्यूमेंट बनवाना पड़ेगा; तेजस्वी यादव को पत्नी का वोटर लिस्ट से नाम कटने की चिंता, Bihar Hindi News - Hindustan
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हमको भी नया डॉक्यूमेंट बनवाना पड़ेगा; तेजस्वी यादव को पत्नी का वोटर लिस्ट से नाम कटने की चिंता

बिहार में जारी वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन के फैसले का महागठबंधन के तमाम सहयोगी दल विरोध कर रहे हैं। वहीं नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी को पत्नी राजश्री का नाम भी वोटर लिस्ट से कटने की चिंता सता रही है। जिसकी जानकारी उन्होने खुद दी।

Sat, 5 July 2025 09:28 PMsandeep लाइव हिन्दुस्तान, पटना
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हमको भी नया डॉक्यूमेंट बनवाना पड़ेगा; तेजस्वी यादव को पत्नी का वोटर लिस्ट से नाम कटने की चिंता

बिहार में जारी वोटर लिस्ट रिवीजन पर सियासी घमासान मचा हुआ है। इस सिलसिले में महागठबंधन के नेताओं ने टाइमिंग पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर हमलावर है। इस बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव एक और चिंता में घिरे हुए हैं। उनको अब अपनी पत्नी राजश्री का दोबारा वोटर कार्ड बनवाना पड़ेगा। जिसकी जानकारी उन्होने खुद दी। तेजस्वी ने बताया कि हमारी हमारी धर्मपत्नी दिल्ली की रहने वाली हैं। दो-तीन महीने पहले ही हमने उनका वोटर आईडी बनवाया है। उनका मतदाता कार्ड बनवाने में आधार कार्ड लगा था। 3 महीने पहले मेरी पत्नी ने आधार कार्ड देकर वोटर लिस्ट में अपना नाम दर्ज करा लिया, क्योंकि उस समय आधार मान्य दस्तावेज था। अब मुझे सोचना पड़ रहा है।

उन्होने बताय कि क्योंकि उनका (राजश्री) जो भी एड्रेस रहा है, वो बाहर का रहा है, बिहार का नहीं रहा। ऐसे में हमको भी सोचना पड़ रहा है कि कौन सा डॉक्यूमेंट चलेगा, कौन नहीं। फिर हमें उनके लिए नया डॉक्यूमेंट बनवाना पड़ेगा। जो (राजश्री) दो महीने पहले वोटर बनी हैं, उन्हें फिर वोटर बनाना पड़ेगा। ये स्थिति हमारी है।

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आपको बता दें 4 जुलाई 2025 को तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन के नेताओं ने पटना में चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात की और इस प्रक्रिया पर आपत्ति दर्ज कराई थी। इस दौरान तेजस्वी के नेतृत्व में गए शिष्टमंडल ने तत्काल मतदाता पुनरीक्षण कार्य को रोकने की मांग की। इस बाबत एक ज्ञापन भी सौंपा गया। शिष्टमंडल ने चुनाव आयोग से ग्रामीण और वंचित तबकों के हित में अन्य प्रामाणिक दस्तावेजों को भी स्वीकार्य बनाने पर पुनर्विचार करने की मांग की गई। ऐसा न होने पर सड़कों पर आंदोलन करने की चेतावनी दी गई।

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तेजस्वी ने कहा कि क्या आयोग को केवल 11 दस्तावेज मांगने का ही अधिकार है? संविधान का अनुच्छेद 326, व्यस्क मताधिकार का आधार तय करता है। आधार कार्ड, राशन कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड आदि मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया में अस्वीकार्य क्यों है। चार करोड़ से अधिक निवासी अन्य राज्यों में स्थायी और अस्थायी कार्य करते हैं। क्या 18 दिन में वो अपना सत्यापन करा पाएंगे? क्या सरकारी स्तर पर उन्हें बिहार लाने की कोई योजना है अथवा उनके वोट काटना उद्देश्य है? तेजस्वी ने कहा कि सत्यापन कार्य में मतदाता को सफेद पृष्ठभूमि के साथ अपनी रंगीन फ़ोटो लगानी है। क्या सभी घरों/परिवारों में फ़ोटो उपलब्ध है? क्या अन्य दस्तावेज़ों की फ़ोटोकॉपी उपलब्ध है? यह प्रक्रिया गरीब मतदाताओं के उत्पीड़न के अलावा वित्तीय बोझ है।

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