गलत बोल रहे तेजस्वी, 2 साल नहीं 31 दिन में हुआ था 2003 में वोटर लिस्ट रिवीजन: मंगल पांडेय
बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने आरजेडी नेता तेजस्वी यादव पर मतदाताओं के गहन पुनरीक्षण पर गलत बयानबाजी करने और अफवाह फैलाने का आरोप लगयाा। उन्होंने कहा कि साल 2003 में वोटर लिस्ट का रिवीजन दो साल नहीं बल्कि 31 दिनों में हुआ था।
बिहार में चुनाव आयोग के मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण यानी स्पेशल इन्टेंसिव रिवीजन (SIR) पर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। इस पर नीतीश सरकार में स्वास्थ्य मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता मंगल पांडेय ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का पलटवार किया है। उन्होंने दावा किया कि साल 2003 में भी सिर्फ 31 दिनों में मतदाताओं का गहन पुनरीक्षण का काम हुआ था। जबकि आरजेडी नेता तेजस्वी यादव यह काम दो साल में होने का दावा कर रहे हैं। मंत्री ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष गलत बयानबाजी कर रहे हैं।
स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने गुरुवार को कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा कराए जा रहे गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण के मुद्दे पर तेजस्वी यादव सहित पूरा विपक्ष बिहार के मतदाताओं को गुमराह कर रहा है। लोगों के बीच अफवाह फैलाकर अराजकता पैदा करना विपक्ष का मकसद है। उन्होंने कहा, “नेता प्रतिपक्ष हाय-तौब्बा मचाए हुए हैं कि इतने कम दिनों में पुनरीक्षण का काम कैसे होगा? उनको यह जानकारी होनी चाहिए कि 2003 में भी मात्र 31 दिनों में ही गहन मतदाता पुनरीक्षण का काम संपन्न हुआ था।”
बिहार में चुनाव से पहले आयोग वोटर लिस्ट का गहन पुनरीक्षण करा रहा है। इसकी शुरुआत हो चुकी है, जो इस महीने चलेगा। आखिरी बार यह काम साल 2003 में हुआ था। विपक्ष इस पर आपत्ति जता रहा है। तेजस्वी यादव ने कहा कि पिछली बार विशेष गहन पुनरीक्षण में लगभग 2 साल का समय लगा था। अब मात्र एक महीने में इसे पूरा करने का दावा किया जा रहा है। इस प्रक्रिया की गंभीरता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मॉनसून के दौरान यह कवायद और भी कठिन है क्योंकि बिहार का 73 फीसदी से ज्यादा हिस्सा इन दिनों बाढ़ से ग्रसित रहता है। ऐसी स्थिति में वोटर के दस्तावेजों का सत्यापन में दिक्कत होगी।
(हिन्दुस्तान ब्यूरो के इनपुट के आधार पर)




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