बिहार में अब सालों भर कंपनी का होगा रजिस्ट्रेशन, दस्तावेज की जरूरत नहीं; नगर विकास विभाग का फैसला
रेरा बिहार अध्यक्ष विवेक सिंह ने कहा कि दस्तावेजों में कमी के चलते पिछले कुछ महीनों में करीब एक सौ आवेदन रद्द करने पड़े हैं। यही कारण है कि अन्य बड़े राज्यों की तुलना में बिहार में निबंधित होने वाली परियोजनाओं की संख्या काफी कम है।

बिहार में बिल्डर (प्रमोटर) अब अपनी कंपनी का निबंधन नगर विकास एवं आवास विभाग में सालोंभर करा सकेंगे। निबंधन के समय उनसे कोई दस्तावेज नहीं मांगा जाएगा। नगर विकास विभाग ने सोमवार को यह निर्णय लिया है। यह तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने सोमवार को रेरा बिहार की कार्यशाला में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य के सभी शहरी निकायों से संबंधित सूचनाएं एवं सुविधाओं को एक ही प्लेटफार्म पर उपलब्ध करा दिया जाएगा।
नेशनल अर्बन डिजिटल मिशन के तहत नगर विकास विभाग यह सुविधा देगा। प्रधान सचिव ने बताया कि बिहार बिल्डिंग बायलॉज में कई परिवर्तन प्रस्तावित हैं ताकि भू-सम्पदा प्रक्षेत्र का त्वरित एवं नियोजित विकास हो सके। इसी के तहत 16 मीटर तक ऊंचाई वाले व्यावसायिक परियोजनाओं के नक्शे का अनुमोदन सूचीबद्ध आर्किटेक्ट कर सकेंगे।
कैबिनेट की स्वीकृति के लिए यह प्रस्ताव भेजा गया है। मंजूरी मिलने पर एक माह के अंदर इसे लागू कर दिया जाएगा। नगर विकास विभाग प्रधान सचिव ने रेरा बिहार के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि नियोजित शहरीकरण एवं भू-सम्पदा प्रक्षेत्र के विकास पर राज्य सरकार का विशेष ध्यान है। आने वाले कुछ महीनों में इस दिशा में अनके कदम उठाये जाएंगे। राज्य सरकार ने ग्यारह सैटेलाइट शहरों को बसाने की घोषणा कर दी है।
रेरा में आवेदनों को किया जाएगा फिल्टर
रेरा बिहार अध्यक्ष विवेक कुमार ने बताया कि प्राधिकरण ने अब फिल्टर सिस्टम लागू किया है, ताकि बिल्डरों को आवेदन भरते समय ही कमियों का पता चल जाए। इस अवसर पर बोलते हुए रेरा बिहार अध्यक्ष विवेक सिंह ने कहा कि दस्तावेजों में कमी के चलते पिछले कुछ महीनों में करीब एक सौ आवेदन रद्द करने पड़े हैं। यही कारण है कि अन्य बड़े राज्यों की तुलना में बिहार में निबंधित होने वाली परियोजनाओं की संख्या काफी कम है।
बिल्डरों को नई आवेदन प्रक्रिया की जानकारी दी
बिल्डरों को नए आवेदन प्रक्रिया के विषय में विस्तार से बताया गया। उन कमियों को बताया गया, जिसके कारण आवेदन रद्द होते हैं। रेरा बिहार अध्यक्ष ने कहा कि बिल्डरों को काउंसलिंग की सुविधा दी जा रही है। काउंसलिंग में बुलाये जाने के बावजूद बिल्डर नहीं होते हैं। रेरा जांच आयुक्त संजय कुमार सिंह ने प्राधिकरण के विभिन्न कदमों के बारे में विस्तार से बताया।
उनका स्वागत सचिव अनिमेष पाण्डेय ने किया। कार्यशाला में क्रेडाई बिहार अध्यक्ष भावेश कुमार, मनीष कुमार ने भी अपने विचार व्यक्त किए। बिल्डरों को प्रोजेक्ट्स के काम को शुरू करने आ रही कठिनाइओ की तरफ विभाग एवं प्राधिकरण के ध्यान आकृष्ट किया।
पूरे दस्तावेज के साथ करें आवेदन
रेरा बिहार अध्यक्ष ने कहा कि सभी दस्तावेज़ एवं सूचनाएं उलपब्ध होने पर ही वे आवेदन भर सकें। उन्होंने बिल्डरों से आग्रह किया गया कि वे अपनी परियोजनाओं के निबंधन के लिए सभी वांछित दस्तावेज एवं सूचनाएं आवेदन के साथ जमा करें ताकि उन्हें कम से कम समय में निबंधित किया जा सके।




साइन इन