2005 से पहले बिहार जातीय हिंसा से लहूलुहान था, बोले निशांत कुमार
निशांत ने पत्रकारों से कहा कि हमारे पिता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार डॉ. राम मनोहर लोहिया के विचारों और आदर्शों से अत्यंत प्रभावित रहे हैं। वर्ष 2005 में बिहार की सत्ता संभालने के बाद उन्होंने अपनी नीतियों और कार्यक्रमों से डॉ. लोहिया के समाजवादी विचारों को धरातल पर उतारने का काम किया
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे और जनता दल (यूनाइटेड) के नेता निशांत कुमार ने कहा है कि 2005 से पहले का बिहार जातीय हिंसा की घटनाओं से लहूलुहान था, लेकिन 2005 के बाद नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य ने न्याय के साथ विकास की नीति पर चलते हुए नई विकास गाथा लिखी है और सुशासन की दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार सोमवार को जदयू प्रदेश कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने समाजवादी चिंतक एवं महान स्वतंत्रता सेनानी डॉ. राम मनोहर लोहिया को भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर निशांत ने पत्रकारों से कहा कि हमारे पिता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार डॉ. राम मनोहर लोहिया के विचारों और आदर्शों से अत्यंत प्रभावित रहे हैं। वर्ष 2005 में बिहार की सत्ता संभालने के बाद उन्होंने अपनी नीतियों और कार्यक्रमों से डॉ. लोहिया के समाजवादी विचारों को धरातल पर उतारने का काम किया तथा उनके सपनों को साकार करने की दिशा में कई ठोस कदम उठाए। मुख्यमंत्री ने महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से सरकारी नौकरियों में 35 प्रतिशत तथा पंचायती राज संस्थाओं में 50 प्रतिशत आरक्षण की ऐतिहासिक व्यवस्था लागू की।
इसके पहले जदयू प्रदेश कार्यालय में डॉ. लोहिया की जयंती मनाई गई। मौके पर प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा, ललन सर्राफ, संजय गांधी, राजीव रंजन प्रसाद, अनिल कुमार, वासुदेव कुशवाहा, गुंजेश्वर साह, अरविन्द निषाद, रामचरित्र प्रसाद, अरविन्द कुमार उर्फ छोटू सिंह आदि मौजूद थे। बता दें कि जदयू में शामिल होने के बाद निशांत कुमार लगातार ऐक्शन में नजर आ रहे हैं। निशांत कुमार एक तरफ पार्टी के नेताओं के साथ बैठक कर रहे हैं थे कई बार वो सार्वजनिक मंचों पर भी जिम्मेदार की भूमिका में नजर आ रहे हैं।
निशांत कुमार के पिता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अक्सर अपने भाषणों में 2005 से पहले लालू-राबड़ी का जिक्र करते आए हैं। नीतीश कुमार अक्सर यह कहते आए हैं कि 2005 से पहले बिहार में कुछ भी नहीं था। यहां हिंदू-मुस्लिमों के बीच खाई थी और लोग एक-दूसरे से लड़ते रहते थे। लेकिन उनकी सरकार बनने के बाद अब बिहार में शांति का माहौल है।
सीएम नीतीश ने लोहिया को दी श्रद्धांजलि
इधर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी समाजवादी आन्दोलन के प्रखर नेता डॉ. राममनोहर लोहिया को उनकी जयंती पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। सोमवार को पटना के कंकड़बाग के लोहिया नगर लोहिया उद्यान में राजकीय समारोह आयोजित किया गया, जहां मुख्यमंत्री ने उनकी आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, जल संसाधन सह संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, ग्रामीण कार्यमंत्री अशोक चौधरी, कृषि मंत्री रामकृपाल यादव, विधायक श्याम रजक, विधान पार्षद संजय गांधी, मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि व डॉ. चन्द्रशेखर सिंह, नागरिक परिषद के महासचिव अरविन्द कुमार ने भी स्व. राम मनोहर लोहिया को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के कलाकारों ने देशभक्ति गीत, बिहार गीत का गायन किया और आरती पूजन की।




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