UPSC की 301वीं रैंक किसकी? अब ब्रह्मेश्वर की पोती ने यूपी की आकांक्षा सिंह को गलत ठहराया
यूपीएससी रिजल्ट की 301वीं रैंक पर आकांक्षा सिंह नाम की दो युवतियां दावा ठोक रही हैं। एक तरफ आरा की रहने वाली ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती है, तो दूसरी तरफ गाजीपुर की डॉ. आकांक्षा सिंह है।

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की ओर से शुक्रवार को जारी हुए सिविल सेवा परीक्षा परिणाम में 301वीं रैंक पर संग्राम छिड़ गया है। आकांक्षा सिंह नाम की दो लड़कियां इस रैंक पर अपना दावा कर रही हैं। एक तरफ बिहार के आरा की रहने वाली आकांक्षा सिंह हैं, जो रणवीर सेना के प्रमुख रहे ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती हैं। वहीं दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश के गाजीपुर की रहने वालीं आकांक्षा सिंह हैं, जो डॉक्टर हैं।
शुक्रवार को यूपीएससी के नतीजे जारी होने के बाद आरा की आकांक्षा सिंह ने दावा किया कि उन्होंने 301वां स्थान हासिल किया है। कुछ घंटों के बाद सोशल मीडिया पर गाजीपुर की आकांक्षा सिंह ने भी दावा कर दिया कि 301वीं रैंक उनकी है। गाजीपुर की आकांक्षा ने यूपीएससी परीक्षा के व्यक्तित्व परीक्षण का एडमिट कार्ड भी दिखाया और कहा कि बिहार से जो लड़की 301वीं रैंक पर दावा कर रही है, वो गलत है।
इसके बाद शनिवार को आरा की आकांक्षा सिंह ने गाजीपुर की आकांक्षा के दावे को भी खारिज कर दिया। एक मीडिया इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि जिस आकांक्षा सिंह को यूपीएससी रिजल्ट में 301वीं रैंक मिली है, वो असली आकांक्षा मैं ही हूं। अब इस मामले पर कंफ्यूजन और बढ़ गई है। दोनों ही आकांक्षा इस रैंक पर अपना दावा कर रही हैं। आरा वाली आकांक्षा का कहना है कि उन्होंने इस बारे में संघ लोक सेवा आयोग को ईमेल कर दिया है। शनिवार और रविवार को अवकाश होने के चलते अब सोमवार को ही उसका जवाब मिलने की संभावना है।
दोनों के एडमिट कार्ड में एक ही रोल नंबर
यूपीएससी की एक रैंक पर एक ही नाम की दो अलग-अलग लड़कियां दावा कर रही हैं। दोनों ने जो एडमिट कार्ड सार्वजनिक किए हैं, उनमें रोल नंबर भी एक जैसे हैं। इससे कंफ्यूजन और बढ़ गई है।
आरा वाली आकांक्षा सिंह, जो ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती हैं, उन्होंने अपना प्रीलिम्स एग्जाम का एडमिट कार्ड मीडिया को दिखाया है। इसमें रोल नंबर 0856794 लिखा हुआ है। वहीं, गाजीपुर वाली आकांक्षा सिंह ने मेन्स एग्जाम का एडमिट कार्ड दिखाया है, उसमें भी रोल नंबर सेम 0856794 लिखा हुआ है।
गाजीपुर वाली आकांक्षा ने बताया कि वह पेशे से डॉक्टर हैं। उन्होंने पटना एम्स से एमबीबीएस और पीजी की है। इसके बाद यूपीएससी की तैयारी की। उन्होंने अपने दावे को मजबूत करने के लिए एडमिट कार्ड में दिए गए क्यूआर कोड से क्रॉस चेक करने का सुझाव भी दिया।
क्यूआर कोड में आरा वाली आकांक्षा का रोल नंबर गलत
जब दोनों ही आकांक्षा के एडमिट कार्ड में दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन किया गया, तो उसमें गाजीपुर वाली आकांक्षा का दावा मजबूत लगा। उसे स्कैन करने पर वही रोल नंबर आए, जो एडमिट कार्ड में लिखे हैं। दूसरी ओर, जब आरा की आकांक्षा सिंह के क्यूआर कोड को स्कैन किया गया तो, उसमें अलग रोल नंबर दिख रहे हैं।
इसके बावजूद आरा वाली आकांक्षा सिंह जो ब्रह्मेश्वर सिंह उर्फ मुखिया की पोती हैं, उनका दावा है कि वही असली आकांक्षा है, जिसने यूपीएससी क्रैक किया है। आरा वाली आकांक्षा ने अपने DAF-II फॉर्म की कॉपी भी दिखाई। उन्होंने कहा कि यह फॉर्म सिर्फ इंटरव्यू के दौरान ही भरा जाता है।
हालांकि, आरा वाली आकांक्षा के पास इंटरव्यू का कॉल लेटर नहीं है, इस बारे में उनका कहना है कि फोन फॉर्मेट होने पर वह डिलीट हो गया। अपने दावे को मजबूत करने के लिए उन्होंने इंटरव्यू वाले दिन आयोग के कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज चेक करवाने की भी चुनौती दे दी।
अब, यूपीएससी रिजल्ट में 301वीं रैंक असल में किसकी है, इस पर संशय बना हुआ है। आने वाले दिनों में आयोग की तरफ से जारी होने वाले आधिकारिक पत्र या बयान से ही इसकी पुष्टि हो सकती है।




साइन इन