उपेंद्र कुशवाहा बोले- इंतजार कीजिए; बेटे दीपक प्रकाश का मंत्री पद संकट में, 9 MLC कैंडिडेट में नाम नहीं
बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर एनडीए की कैंडिडेट लिस्ट में उपेंद्र कुशवाहा के बेटे एवं सम्राट सरकार में मंत्री दीपक प्रकाश का नाम नहीं है। उनके मंत्री पद पर संकट मंडरा रहा है। कुशवाहा एनडीए के शीर्ष नेताओं के संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि अभी दो दिन बाकी है, इंतजार कीजिए।

राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश के मंत्री पद पर संकट मंडरा रहा है। बिहार विधान परिषद की 9 सीटों पर चुनाव और 1 सीट पर उपचुनाव के लिए एनडीए ने 9 उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। इनमें 4-4 भारतीय जनता पार्टी एवं जनता दल यूनाइटेड के हैं, जबकि एक कैंडिडेट चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने उतारा है। एनडीए के एमएलसी कैंडिडेट में सम्राट सरकार में मंत्री दीपक प्रकाश का नाम नहीं है। वह अभी किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं। मंत्री पद पर बनाए रखने के लिए कुशवाहा अपने बेटे को एमएलसी बनाने की जुगत में लगे हुए हैं। वह एनडीए के शीर्ष नेताओं के संपर्क में हैं।
राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने शनिवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि अभी एमएलसी चुनाव के नामांकन खत्म होने में दो दिन बाकी है। तब तक इंतजार कीजिए। उन्होंने कहा कि वह एनडीए के शीर्ष नेताओं से बात कर रहे हैं।
बिहार विधान परिषद में विधानसभा कोटे की 9 सीटों पर द्विवार्षिक चुनाव हो रहे हैं। वहीं, पूर्व सीएम नीतीश कुमार के इस्तीफे से खाली हुई एक एमएलसी सीट पर भी उपचुनाव है। विधानसभा में संख्याबल के अनुसार कुल 10 में से 9 सीटों पर एनडीए की जीत तय है, जबकि एक पर विपक्ष बाजी मार लेगा। 8 जून को नामांकन का आखिरी दिन है। 18 जून को मतदान होगा।
भाजपा और जदयू ने शुक्रवार को 4-4 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा की। इसके बाद शनिवार को लोजपा-आर ने भी एक कैंडिडेट का नाम जारी कर दिया। एनडीए से कुल 9 प्रत्याशी घोषित हो चुके हैं। इसके बाद, मंत्री दीपक प्रकाश को लेकर सस्पेंस गहरा गया।
कुशवाहा के बेटे के मंत्री पद पर संकट
दरअसल, दीपक प्रकाश अभी ना तो विधायक हैं और ना ही एमएलसी। उन्हें मंत्री पद पर बने रहने के लिए विधान परिषद या विधानसभा में से किसी एक सदन की सदस्यता लेनी ही होगी। नहीं तो शपथ के बाद 6 महीने पूरे होने पर उनका मंत्री पद चला जाएगा।
रालोमो चीफ कुशवाहा को उम्मीद थी कि विधान परिषद चुनाव में भाजपा उन्हें एक एमएलसी सीट दे देगी, जिससे दीपक प्रकाश का मंत्री पद सुरक्षित हो जाएगा। हालांकि, भाजपा ने अपने कोटे के चारों उम्मीदवारों के नाम जारी कर दिए, जिसमें भोजपुरी स्टार पवन सिंह भी शामिल हैं।
वैसे एनडीए आखिरी सीट पर दीपक प्रकाश को कैंडिडेट बना सकता है, लेकिन उनके जीतने की संभावना कम है। क्योंकि एक सीट पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेतृत्व वाले महागठबंधन की जीत पक्की मानी जा रही है। कुशवाहा की पार्टी अपने दम पर एक भी एमएलसी सीट नहीं जीत सकती है, क्योंकि सदन में उसके पास चार विधायक ही हैं। जबकि जीतने के लिए 25 विधायकों का वोट चाहिए। इसके लिए भाजपा-जेडीयू का सहयोग जरूरी है।




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