union minister jitan ram manjhi gets emotional in patna says santosh suman is his stepson जीतनराम मांझी ने संतोष सुमन को सौतेला बेटा नहीं कहा, वायरल भाषण पर HAM की सफाई, Bihar Hindi News - Hindustan
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जीतनराम मांझी ने संतोष सुमन को सौतेला बेटा नहीं कहा, वायरल भाषण पर HAM की सफाई

हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) ने स्पष्ट किया है कि पार्टी सुप्रीमो एवं केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने अपने पुत्र संतोष कुमार सुमन को सौतेला बेटा नहीं कहा। बल्कि, मांझी ने सौतेली मां का जिक्र करते हुए कहा था कि संतोष कुमार सुमन का उन्होंने अच्छे तरीके से लालन-पालन किया और अपना उत्तराधिकारी बनाया। 

Mon, 27 April 2026 08:12 PMJayendra Pandey लाइव हिन्दुस्तान, पटना
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जीतनराम मांझी ने संतोष सुमन को सौतेला बेटा नहीं कहा, वायरल भाषण पर HAM की सफाई

Jitan Ram Manjhi News: केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने अपने पुत्र संतोष कुमार सुमन को सौतेला बेटा नहीं कहा है। मांझी की पार्टी हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) ने सोमवार को यह स्पष्ट किया। दरअसल, हम सुप्रीमो मांझी का एक भाषण सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। उसमें वह बेटे संतोष कुमार सुमन के बारे में बात कर रहे हैं। हम का कहना है कि मांझी ने सौतेली मां का संदर्भ देते हुए बताया था कि संतोष कुमार सुमन की माता का निधन तब हो गया था, जब वे मात्र 9 महीने के थे। इसके बावजूद पिता मांझी ने उनका बेहतर लालन-पालन किया, उन्हें शिक्षित किया और आज उन्हें अपना उत्तराधिकारी बनाने तक की बात कही।

हम के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता श्याम सुन्दर शरण ने पार्टी संरक्षक जीतन राम मांझी के एक बयान को सोशल मीडिया पर तोड़-मरोड़ कर पेश किए जाने का आरोप लगाया है। यह उन्होंने कहा कि यह न सिर्फ गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि बेहद दुर्भाग्यपूर्ण भी है।

"सबसे ज्यादा काम उसी के लिए किया"

दरअसल, जीतनराम मांझी का रविवार को एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहते नजर आए कि उनके बेटे संतोष ने अपनी मां को तब खो दिया था जब वह महज 9 महीने के थे। एक नन्हे बच्चे का अपनी मां को खो देना किसी भी परिवार के लिए बहुत बड़ा दुख होता है। मांझी ने भावुक स्वर में कहा, "जब उसकी मां का निधन हुआ, तब मैंने संकल्प लिया था कि मैं इस बच्चे के लिए पिता और मां दोनों का फर्ज निभाऊंगा। मैंने अपने जीवन में सबसे ज्यादा काम और मेहनत संतोष के लिए ही की है।"

उन्होंने बताया कि संतोष की परवरिश में उन्होंने कभी भी किसी चीज की कमी नहीं होने दी और उसे पढ़ा-लिखाकर एक काबिल इंसान बनाया।

उत्तराधिकारी चुनने की असली वजह

राजनीति में अक्सर परिवारवाद के आरोप लगते हैं, लेकिन मांझी ने संतोष सुमन को अपना उत्तराधिकारी बनाने के पीछे की वजह काबिलियत को बताया। उन्होंने कहा कि संतोष ने संघर्षों के बीच खुद को साबित किया है। आज वह बिहार सरकार में मंत्री के रूप में अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा रहे हैं। मांझी ने कहा, “आज मुझे गर्व है कि जिसने अपनी मां को खोया था, आज वही अपने पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ा रहा है।”

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उन्होंने संतोष की ओर इशारा करते हुए उन्हें अपना उत्तराधिकारी घोषित किया। इसके साथ ही मांझी एक और बच्ची प्रियंका का जिक्र करते हुए नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जैसे उन्होंने संतोष को काबिल बनाया, वैसे ही वह प्रियंका को भी खूब पढ़ाएंगे। उन्होंने संकल्प लिया कि जब तक उनके शरीर में जान है, वे अपनी इस 'बेटी' के लिए हर संभव मदद करेंगे ताकि वह भी पढ़-लिखकर समाज में अपना नाम रौशन कर सके।

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