भागलपुर से पटना और पश्चिम चंपारण अब पानी के रास्ते सफर, बिहार के 11 जिलों में 21 जल स्टेशन
कुल 21 में 18 जल स्टेशन बन चुके हैं। तीन में काम चल रहा है, इसमें दो पटना जिले में है। अभी सड़क मार्ग, रेलमार्ग और हवाई मार्ग से ही राज्य में आवागमन की सुविधा थी, लेकिन आने वाले दिनों में जल मार्ग का भी विकल्प बनेगा। इसकी तैयारी जल परिवहन की ओर से जोर शोर से की जा रही है।

जल मार्ग से एक से दूसरी जगह पर जाने की इच्छा अब राज्य में ही पूरी हो जाएंगी। भागलपुर से पटना या पटना से पश्चिम चम्पारण जाना चाहे, तो जल मार्ग से सफर कर सकेंगे। इसके लिए राज्य के 11 जिलों के 21 जगह के घाटों को चिह्नित करके जल स्टेशन (जेटी) बनाया जा रहा है। ये सारे जल स्टेशन गंगा और गंडक नदी के घाटों पर बनाया जा रहा है, इसमें पांच जल स्टेशन पटना जिले में होगा। पटना में दीघा, पानापुर, नासरीगंज, बाढ़ और नकटा दियारा को जल स्टेशन के लिए चिह्नित किया गया है। दीघा और बाढ़ में जल स्टेशन बनाने का काम चल रहा है।
बांकी जगहों पर जल स्टेशन बन कर तैयार है। कुल 21 में 18 जल स्टेशन बन चुके हैं। तीन में काम चल रहा है, इसमें दो पटना जिले में है। अभी सड़क मार्ग, रेलमार्ग और हवाई मार्ग से ही राज्य में आवागमन की सुविधा थी, लेकिन आने वाले दिनों में जल मार्ग का भी विकल्प बनेगा। इसकी तैयारी जल परिवहन की ओर से जोर शोर से की जा रही है। यह काम त्वरित गति से हो, इसके लिए विभाग को दिया गया है। आम यात्री जहाज की सफर का मजा ले सकें, सुविधाएं पर्यटन विभाग, जल परिवहन की ओर से जाएगी।
इन 11 जिलों में 21 जगहों पर बनेगा जल स्टेशन
● भोजपुर: महोली घाट, खवासपुर
● सोनपुर: हरिहरनाथ मंदिर
● पटना : दीघा, नकटा दियारा, पानापुर, नासरीगंज, बाढ़
● वैशाली: कोनहारा घाट, राघोपुर दियारा
● समस्तीपुर: पत्थर घाट (मोहनपुर)
● बेगूसराय: सिमरिया घाट
● मुंगेर: मुंगेर
● खगड़िया: अगवानी (शाहाबाद)
● भागलपुर: तीनटंगा, सुल्तानगंज, कहलगांव, बटकेश्वर स्थान
● कटिहार: कारोगोला, मनिहारी
● पश्चिम चंपारण: आशाराम पटखोली, (बाधना)




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