samrat choudhary government provide electricity on five rupees per unit and subsidy on loan to Semi conductor Industry 5 रुपये यूनिट बिजली और लोन पर 5% सब्सिडी, सम्राट सरकार का सेमी कंडक्टर उद्योग के लिए प्लान, Bihar Hindi News - Hindustan
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5 रुपये यूनिट बिजली और लोन पर 5% सब्सिडी, सम्राट सरकार का सेमी कंडक्टर उद्योग के लिए प्लान

दरअसल, बिहार सरकार ने राज्य को सेमीकंडक्टर और एआई हब बनाने की घोषणा की है। इसी को ध्यान में रखकर नयी नीति बनायी गयी है। राज्य सरकार ने सेमी कंडक्टर क्षेत्र में 25 हजार करोड़ निवेश की योजना तैयार की है।

Sun, 26 April 2026 06:18 AMNishant Nandan हिन्दुस्तान ब्यूरो, पटना
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5 रुपये यूनिट बिजली और लोन पर 5% सब्सिडी, सम्राट सरकार का सेमी कंडक्टर उद्योग के लिए प्लान

बिहार सरकार ने सेमी कंडक्टर उद्योग के लिए राहतों का पिटारा खोल दिया है। इसके तहत उसे न केवल उद्योग लगाने के लिए सब्सिडी दी जाएगी, बल्कि उनके आर्थिक बोझ को भी कम किया जाएगा। उन्हें बैक लोन पर आर्थिक सहायता दी जाएगी और अनुदानित दर पर बिजली-पानी की भी आपूर्ति की जाएगी। राज्य सरकार ने बिहार सेमी कंडक्टर नीति 2026 को अंतिम रूप दे दिया है। इसके तहत निवेशकों को आकर्षित करने के लिए कई आकर्षक प्रस्ताव भी दिये गये हैं।

इस नीति के तहत सेमी कंडक्टर यूनिट को मात्र पांच रुपए प्रति यूनिट की दर से बिजली की आपूर्ति की जाएगी। शेष खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। यह सुविधा उन्हें दस वर्षों के लिए मिलेगी। इस दौरान उन्हें अनुदानित दर पर ही बिजली दी जाएगी। भले ही बिजली कंपनी इस अवधि में बिजली का शुल्क बढ़ा भी दे। इसी तरह उन्हें मात्र चार रुपए प्रति घन मीटर की दर से पानी की आपूर्ति होगी। यह सुविधा भी उन्हें यूनिट लगाने के बाद अगले दस वर्षों तक मिलेगी।

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इसी तरह पेटेंट फाइल करने पर सरकार संबंधित यूनिट को उनकी लागत खर्च का 75 फीसदी तक प्रतिपूर्ति करेगी। इसके तहत उन्हें देश और विदेश दोनों स्थानों पर पेटेंट फाइल करने में मदद दी जाएगी। देश में पेटेंट पर 10 लाख और विदेश में पेटेंट पर 20 लाख की सहायता देने की योजना बनायी गयी है। इसी क्रम में बैंक लोन या वित्तीय संस्थानों से लिए गए सावधि ऋण पर उत्पादन की तिथि से सात वर्षों के लिए पांच फीसदी प्रति वर्ष की दर से अधिकतम 25 करोड़ तक की ब्याज सब्सिडी प्रदान की जाएगी।

दरअसल, बिहार सरकार ने राज्य को सेमीकंडक्टर और एआई हब बनाने की घोषणा की है। इसी को ध्यान में रखकर नयी नीति बनायी गयी है। राज्य सरकार ने सेमी कंडक्टर क्षेत्र में 25 हजार करोड़ निवेश की योजना तैयार की है। इससे वर्ष 2030 तक दो लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इसी क्रम में राज्य सरकार अगले पांच वर्षों में 50 हजार सेमी कंडक्टर पेशेवर तैयार करेगी। इसके माध्यम से राज्य सरकार का उद्देश्य अगले पांच वर्षों में बिहार के जीएसडीपी में सेमी कंडक्टर क्षेत्र का 5 फीसदी योगदान हासिल करना है।

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क्या है योजना

तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अक्टूबर 2025 में एआई और सेमीकंडक्टर क्लस्टर स्थापित करने की बात कही थी। लक्ष्य मोबाइल, ड्रोन और मिसाइलों के लिए चिप्स का निर्माण, मेगा टेक सिटी, फिनटेक सिटी और नई स्मार्ट सिटी बनाना है। इसके तहत बिहार सरकार की केंद्र सरकार के इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन से जुड़ने की योजना है। इसमें चिप मैन्युफैक्चरिंग, पैकेजिंग और डिजाइन यूनिट्स स्थापित करने का लक्ष्य है। इसमें निवेश आकर्षित करने की भी योजना है। इसके माध्यम से बिहार के युवाओं के लिए उच्च गुणवत्ता वाले तकनीकी अवसर उपलब्ध होने की संभावना है।

बड़ी यूनिट, सेमी कंडक्टर फैब्स पर न्यूनतम 80 हजार करोड़ से ढाई लाख करोड़ रुपए खर्च होते हैं। पैकेजिंग यूनिट, चिप एसेम्बलिंग, टेस्टिंग मार्किंग यूनिट पर सात हजार से 27 हजार करोड़ का खर्च आता है। इसकी सहायक इकाइयों पर 10 करोड़ से 50 करोड़ खर्च होते हैं।

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