मुजफ्फरपुर के 68 गांवों में बसेगी तिरहुत टाउनशिप, जमीन मालिकों को भी मिलेगी हिस्सेदारी
मुजफ्फरपुर के पास नया सेटेलाइट शहर बसाने के लिए जिले के 68 गांवों को चिह्नित किया गया है। इसे तिरहुत टाउनशिप नाम दिया गया है। टाउनशिप विकसित होने के बाद इन गांवों के जमीन मालिकों यानी रैयतों को भी हिस्सेदारी दी जाएगी।

बिहार में 11 नए सैटेलाइट ग्रीनफील्ड शहर विकसित करने की योजना के तहत मुजफ्फरपुर के पास तिरहुत टाउनशिप बसाई जाएगी। कांटी, मड़वन, कुढ़नी और मुशहरी के 68 गांवों में इसका विशेष क्षेत्र होगा, जिसका क्षेत्रफल 20200 एकड़ है। वहीं, कुढ़नी के आठ गांवों में इस टाउनशिप का कोर एरिया होगा, जिसका क्षेत्रफल 800 एकड़ है। तिरहुत टाउनशिप में इन गांवों के जमीन मालिकों को भी हिस्सेदारी दी जाएगी।
तिरहुत टाउनशिप की सीमा के उत्तर में पानापुर, दक्षिण में दुबियाही और तुर्की, पूरब में नया बायपास और पश्चिम में मड़वन है। मुजफ्फरपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन से इसकी दूरी 10 किलोमीटर होगी। जबकि मुजफ्फरपुर एयरपोर्ट से यह महज 1.5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित होगा। मुजफ्फरपुर में हवाई अड्डा अभी चालू नहीं है, लेकिन अगले साल तक इससे 19 सीटर वाले यात्री विमानों का संचालन शुरू करने पर काम चल रहा है। इससे तिरहुत टाउनशिप के लोगों को इसका फायदा मिलेगा।
टाउनशिप में होंगी सभी आधुनिक सुविधाएं
नई सेटेलाइट टाउनशिप में पार्क, बड़े खेल मैदान, कमर्शियल हब, जिम, ड्रेनेज सिस्टम, औद्योगिक क्षेत्र, चौड़ी सड़कें आदि कई सुविधाएं होंगी। इन नए शहरों को पूरी प्लानिंग के तहत बसाया जाएगा। इसी के चलते नगर विकास एवं आवास विभाग ने टाउनशिप से संबंधित गांव और कस्बों में जमीन की खरीद-बिक्री और हस्तांतरण पर रोक लगा दी है। एजेंसी के जरिए इन टाउनशिप का विकास किया जाएगा। इसके बाद स्थानीय रैयतों को लगभग 55 प्रतिशत हिस्सेदारी दी जाएगी। जमीन के बदले रैयतों को टाउनशिप में मिलने वाला हिस्सा उनकी आय का नियमित जरिया बनेगा।
कोर क्षेत्र में ये गांव
तिरहुत टाउनशिप के कोर एरिया के लिए जिन गांवों का चुनाव किया है उसमें कुढ़नी का मोथा उर्फ चक हारुण के अलावा मड़वन का मड़वन खुर्द, बिशुनपुर गोविंद, भटौना, मंसुरपुर चमरुआ, आरिजपुर, मकदुमपुर कोराना और सलाहपुर गांव शमिल है।
विशेष क्षेत्र में ये गांव
स्पेशल एरिया में जिन गांवों को शामिल किया गया है, उनमें कांटी का रोशनपुर, हिछड़ा, काबिलपुर, शामपुर भोज, मोबारकपुर, हरपुर गणेश, सुरतपुर, शेरुकाही, नुरुल्लाहपुर, बंगरा और पानापुर हवेली हैं। मड़वन के मड़वन खुर्द, गोनारा उर्फ काजीपुर, बिशुनपुर गोबिंद, भटौना, मंसुरपुर चमरुआ, खलिलपुर, मड़वन भोज, आरिजपुर, रामपुर शाल, बोड़वाड़ा, मकदुमपुर कोराना, गुलाम मोहम्मदचक, रायपुरा, बथना राम, गोपालपुर, चिकनौटा उर्फ हरपुर लाहौरी, बथना डीह, सलाहपुर, मोहमदपुर सूबे, पंदाहा उर्फ बिशुनुपुर पंदाहा, रक्सा, मधुबन, कोदरिया निजामुद्दीन, पकाही खास, बगाही व मिठनपुरा गांव शामिल हैं।
इसके अलावा स्पेशल एरिया में कुढ़नी प्रखंड का गौरैया, खरौना डीह, तारसन किशुनी, मधौल, लदौर, कफेन दरिया छपरा, सुमेरा, दुबियाही, बाजिदपुर कोदरिया, सुमेरा उर्फ अफजलपुर माधो, मोहथा उर्फ चक हारुण, सकरी सरैया, चकिया, छाजन हरिशंकर, मादापुर रैयती व भवानपुर गांव के नाम शामिल हैं।
मुशहरी के पताही उर्फ पताही रूप, मधुबनी, चौसीमाा, मादापुर चौबे, धरमपुर, खबड़ा उर्फ किरतपुर गुरुदास, डुमरी उर्फ दामोदरपुर शाहजहां, बारमतपुर उर्फ बिशुनपुर खड़क, परमानंदपुर, पकड़ी इस्माइल गांव शामिल हैं।




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