देवर,भाभी, भतीजी की मौत से मचा कोहराम; रिश्तेदार के श्राद्धकर्म में जाते समय हुआ दर्दनाक हादसा
परिवार के तीन लोगों की मौत की खबर जैसे ही पहुंची कि कोहराम मच गया। तीनों की की अर्थी जब एक साथ उठी तो लोगों के आंसू छलक पड़े।

Bihar Accident News: बिहार के सासाराम में एक ही परिवार के तीन लोगों की दर्दनाक मौत से परिजनों और संबंधियों के बीच मातम पसर गया। मरने वाले देवर, भाभी और भतीजी थे। घटना कोचस थाना क्षेत्र के मैनपुरा गांव की है। परिवार के तीन लोगों की मौत की खबर जैसे ही पहुंची कि कोहराम मच गया। तीनों की की अर्थी जब एक साथ उठी तो लोगों के आंसू छलक पड़े। सभी अपने एक संबंधी के श्राद्ध कर्म में शामिल होने बाइक से जा रहे थे।
मृतकों में 30 वर्षीय परमानन्द, 25 वर्षीय खुशबू देवी तथा 2 वर्षीय काव्या शामिल है। सभी सासाराम से अपनी दादी के श्राद्धकर्म में शामिल होने कोचस थाना क्षेत्र के मैनपुरा गाँव जा रहे थे। तभी तेज रफ्तार ट्रैक्टर की चपेट में आ गये। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
घटना की सूचना मिलते ही मृतकों के दरवाजे पर ग्रामीणों की भीड़ लग गई। कुछ ग्रामीण तत्काल घटनास्थल की ओर रवाना हुए थे। हृदय विदारक और संवेदना को झकझोर देने वाली स्थिति उस समय पैदा हो गई, जब एंबुलेंस मृतकों शवों लेकर गांव में पहुंचीं। वहां चीख पुकार मच गई। परिजन तीनों की अर्थियों को अंतिम संस्कार के लिए बक्सर गंगा घाट ले जाने के लिए बसों पर लोड करने लगे तो ग्रामीणों के आंसू छलक गए और चित्कार की गूंज से हवा भी मौन हो गई थी।
ग्रामीणों ने बताया कि मैनपुर निवासी रामायण सिंह के दो पुत्रों में विकास कुमार सिंह बड़े थे। उनकी पांच वर्ष पूर्व शादी हुई थी। परिवार में एकमात्र चार वर्षीया पुत्री काव्या थी जो पूरे परिवार की दुलारी और प्यारी गुड़िया जैसी थी। बड़ा भाई विकास ने सासाराम स्थित बाजार समिति के सामने एक जेनरल स्टोर की दुकान खोल रखी थी। छोटा भाई परमानंद सिंह पढ़ाई करते हुए व्यवसाय में मदद करता था। वहजो अविवाहित था। शनिवार की देर रात बड़े भाई विकास ने कहा कि दादी के श्राद्ध कर्म में जाने के लिए एक गाड़ी किराया पर ले लो। परिवार और बच्चे के साथ सुरक्षित जाना चाहिए। लेकिन परमानंद ने कहा कि भाभी और काव्या को बाइक से लेकर धीरे-धीरे चला जाऊंगा। किसी को इसका अंदाजा नहीं था कि रामायण सिंह की दुनिया ही इस तरह से उजड़ जाएगी। एक बेकाबू ट्रैक्टर ने उन्हें कुचल दिया।
घटना से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। मौत से पूरे गांव में शोक की लहर से चारों ओर स्तब्धता छाई हुई थी। पुत्र वियोग में मृतक की मां ललिता देवी की चित्कार से उपस्थित लोगों की आंखें नम हो गईं। परिवार के तीन सदस्यों की अर्थी एक साथ निकलते देख गांव में कोहराम मच गया। महिलाएं भी शवों के अंतिम दर्शन करने के लिए घरों से बाहर निकल गईं।




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