जगतवीर हत्याकांड में तेजस्वी यादव ने दी आंदोलन की चेतावनी, बोले- दारोगा ने दारू पीकर गोली मारी
तेजस्वी यादव बुधवार को मुजफ्फरपुर जिले के गायघाट पहुंचे। उन्होंने पिछले सप्ताह पुलिस गोलीबारी में मारे गए जगतवीर राय के परिजन से मुलाकात की। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि दारोगा ने शराब पीकर उन्हें गोली मारी थी।

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के जगतवीर हत्याकांड में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आंदोलन की चेतावनी दे दी है। जिले के गायघाट पहुंचे राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी ने आरोप लगाया कि एनडीए की सरकार में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। पहले अपराधी बेलमगाम थे अब पुलिस मनमानी पर उतर आई है। उन्होंने कहा कि दारोगा दारू पीकर गोली चला रहे हैं। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि जगतवीर की हत्या दारोगा ने शराब के नशे में की।
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव बुधवार को गायघाट के चोरनियां पहुंचे और मृतक जगतवीर राय के परिजन से मुलाकात की। उन्होंने पीड़ित परिवार को न्याय का भरोसा दिलाया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने कहा कि जगतवीर राय की मौत को 8 दिन बीत चुके हैं, मगर अब तक दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। यह चिंताजनक है। तेजस्वी ने चेतावनी दी कि आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन शुरू किया जाएगा और पूरा मुजफ्फरपुर जिला बंद कराया जाएगा।
पुलिस झड़प में हुई थी जगतवीर की मौत
बीते 17 मार्च की देर रात गायघाट थाना क्षेत्र के चोरनियां में पुलिस एक आरोपी की गिरफ्तारी के लिए गई थी। तभी पुलिस और ग्रामीणों के बीच हिंसक झड़प हो गई थी। बताया गया कि ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर पथराव कर दिया। फायरिंग के भी आरोप लगे। पुलिस ने आत्मरक्षा के लिए गोली चला दी, जिसमें 55 वर्षीय किसान जगतवीर राय की मौत हो गई। इस झड़प में कुछ पुलिसकर्मी भी चोटिल हुए थे। पुलिस की गाड़ी भी क्षतिग्रस्त हुई थी।
इसके बाद ग्रामीणों ने बवाल काट दिया। जगतवीर के शव को घटनास्थल पर ही रखकर आरोपी थानेदार की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि पुलिस पॉक्सो एक्ट के आरोपी भिखारी राय को पकड़ने आई थी, लेकिन अजय राय नाम के दूसरे व्यक्ति के घर में घुस गई थी। पुलिस जब अजय को जबरन पकड़कर ले जाने लगी, तो पुलिस की ग्रामीणों से झड़प हुई। जगतवीर राय बीच-बचाव करने पहुंचे थे, उन्हें गोली लग गई। गांव वालों ने आरोप लगाया कि दारोगा ने पिस्टल निकालकर जगतवीर के सीने में गोली चलाई।
इस घटनाक्रम के बाद चौरनियां गांव में तनाव की स्थिति पैदा हो गई। 18 मार्च को पूरे दिन हंगामा होता रहा। एहतियातन भारी पुलिस बल तैनात किया गया। 19 मार्च को पूर्णिया सांसद पप्पू यादव भी यहां पहुंचे थे और ग्रामीणों से समझाइश कर शव का अंतिम संस्कार करवाया था।
वहीं, इस मामले में पुलिस पदाधिकारियों की प्रारंभिक जांच में थानेदार राजा सिंह की लापरवाही सामने आई थी। दारोगा समेत थाने में तैनात पुलिसकर्मियों को वहां से हटा दिया गया था। थानेदार की पिस्टल भी जब्त कर जांच के लिए भेजी गई। पीड़ित पक्ष की ओर से जगतवीर राय की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया, जिसमें दारोगा राजा सिंह को आरोपी बनाया गया था।




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