लोन वसूली पर रोक लगे, आंधी-बारिश से नुकसान का मुआवजा दे सरकार; तेजस्वी का नीतीश को पत्र
बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखकर आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से हुए जान-माल के नुकसान का पीड़ितों को मुआवजा देने की मांग की है।

बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखा है। तेजस्वी ने सीएम नीतीश से हाल ही में विभिन्न जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से हुए नुकसान से प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता मुहैया कराने की मांग की है। तेजस्वी ने कहा कि सरकार जल्द से जल्द प्रभावित जिलों में भौतिक सत्यापन कर फसल क्षति का आकलन करे और मुआवजा राशि डीबीटी के जरिए पीड़ितों को ट्रांसफर कीजाए। उन्होंने आंधी-बारिश से प्रभावित किसानों और खेती पर आश्रित भूमिहीन मजदूरों के कृषि ऋण की वसूली पर तत्काल रोक लगाने की भी मांग की।
तेजस्वी यादव ने सोमवार को लिखे पत्र में सीएम नीतीश कुमार से कहा कि बेमौसम बारिश और आंधी-तूफान एवं ओलावृष्टि से कई जिलों में फसलों को भारी नुकसान पहुंचने की खबर है। सबसे ज्यादा नुकसान गेहूं, मक्का और दलहन की फसल को हुआ है। तेज हवा और बारिश के साथ ओले भी गिरे, जिससे आम और लीची की फसल की भी भारी क्षति हुई। साथ ही इस दौरान हुई विभिन्न हादसों में कई लोगों की मौत हो गई।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इस आपदा से फ्रभावित किसानों और खेती मजदूरी पर आश्रित भूमिहीन मजदूरों को तत्काल मुआवजा एवं अन्य राहत सहायता उपलब्ध कराई जाए। आंधी-बारिश एवं वज्रपात से जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को त्वरित मुआवजा मिले। साथ ही घायलों को भी आर्थिक सहायता दी जाए।
उन्होंने मांग की है कि सरकार फसल क्षति आवेदन की प्रक्रिया को सरल बनाए। साथ ही इसके लिए आवेदन की समयसीमा को आगे बढ़ाया जाए, ताकि कोई भी प्रभावित किसान या मजदूर ना छूटे। तेजस्वी ने प्रभावित क्षेत्रों में तात्कालिक सहायता के तौर पर खाद-बीज आदि की मुफ्त आपूर्ति करने का भी सुझाव दिया।
तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार से आग्रह किया कि यह विषय काफी गंभीर है। आशा है कि मुख्यमंत्री प्राथमिकता के आधार पर उचित निर्णय लेंगे और बिना किसी देरी के राहत कार्यों की घोषणा करेंगे।
बता दें कि पिछले सप्ताह बिहार के कई जिलों में आंधी-बारिश ने कहर बरपाया था। इससे कोसी, सीमांचल, पूर्वी, उत्तर और दक्षिण बिहार के कई जिलों में फसलों को नुकसान पहुंचा था। तेज हवा से खेत में खड़ी फसलें नीचे गिर गईं। अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली, दीवार आदि गिरने से लोगों की मौतें भी हुई थीं। फिलहाल, प्रशासन की ओर से नुकसान का आकलन किया जा रहा है। इसके बाद नियमों के अनुसार, प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान की जा सकती है।




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