Farmers devastated by unseasonal rain and hailstorm Mustard destroyed in north bihar and seemanchal Maize fall बिहार में आंधी-पानी से किसान तबाह, उत्तर में सबसे ज्यादा सरसो; सीमांचल में मक्का बर्बाद, Bihar Hindi News - Hindustan
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बिहार में आंधी-पानी से किसान तबाह, उत्तर में सबसे ज्यादा सरसो; सीमांचल में मक्का बर्बाद

कोसी, सीमांचल और पूर्वी बिहार के जिलों में मक्का की फसल को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। तेज हवा के कारण खेतों में खड़ी मक्का की फसल धराशायी हो गई। सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, खगड़िया और भागलपुर जिलों में सैकड़ों एकड़ में लगी फसल जमीन पर गिर गई है।

Sun, 22 March 2026 05:31 AMNishant Nandan हिन्दुस्तान, पटना/मुजफ्फरपुर/भागलपुर
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बिहार में आंधी-पानी से किसान तबाह, उत्तर में सबसे ज्यादा सरसो; सीमांचल में मक्का बर्बाद

बिहार में शुक्रवार को आए आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया।उत्तर बिहार में सबसे अधिक सरसों तो सीमांचल में मक्के की फसल को नुकसान हुआ है। बारिश के कारण जहां तैयार फसलें खेतों में गिर गईं, वहीं खलिहानों में रखी उपज भी भीगकर खराब हो गई। गेहूं, सरसों, मक्का, दलहन और सब्जियों के साथ आम और लीची के मंजरों को भी भारी नुकसान की खबर है। प्रारंभिक आकलन में कई क्षेत्रों में 20 से 30 प्रतिशत तक नुकसान की आशंका जताई जा रही हैै।

राज्य के विभिन्न हिस्सों में आई आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचाया है। उत्तर बिहार में सबसे अधिक असर गेहूं और सरसों की फसल पर देखा गया है। मुजफ्फरपुर जिले के गायघाट, कटरा और औराई प्रखंडों में 20 से 25 प्रतिशत तक नुकसान का अनुमान है। खेतों में गिरी फसल और खलिहानों में भीगी सरसों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। लगभग तैयार गेहूं की फसल भी तेज हवा और बारिश की मार से प्रभावित हुई है।

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वहीं कोसी, सीमांचल और पूर्वी बिहार के जिलों में मक्का की फसल को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। तेज हवा के कारण खेतों में खड़ी मक्का की फसल धराशायी हो गई। सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, खगड़िया और भागलपुर जिलों में सैकड़ों एकड़ में लगी फसल जमीन पर गिर गई है। खासकर भागलपुर के दियारा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर नुकसान की खबर है। इसके अलावा मसूर, मटर, गेहूं और तिलहन फसलों पर भी असर पड़ा है।

कृषि विभाग द्वारा विभिन्न प्रखंडों से नुकसान का आकलन कराया जा रहा है। रोहतास में दलहनी फसलों को 25 से 30 प्रतिशत और गेहूं को 15 से 20 प्रतिशत तक नुकसान का अनुमान है। गोपालगंज में करीब 22 हजार हेक्टेयर में लगी गेहूं की फसल के गिरने की आशंका जताई गई है। गया के डुमरिया के किसान मिथलेश सिंह दांगी, संतोष कुमार एवं नरेश प्रसाद ने बताया कि चना, मक्का, मसूर, गेहूं तथा जेठुआ सब्जी की फसलों को काफी क्षति पहुंची है। फसल कटाई के समय इस तरह की बारिश ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है। बारिश की वजह से गेहूं की फसल दर में कमी आना निश्चित है।

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कहां कितनी बारिश

समस्तीपुर के मोहद्दीनगर में 75.4, बेगूसराय के छोहराही में 72.6, समस्तीपुर के विभूतिपुर व कटिहार के कोरहा में 72.4, बेगूसराय के चेरिया बरियारपुर में 71.2 और सुपौल के पिपरा में 70.0 मिलीमीटर बारिश हुई। अन्य जगहों पर 60.2 से 10.5 मिलीमीटर के बीच बारिश हुई।

कहां कितना गिरा पारा

सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 13.6 डिग्री सेल्सियस अररिया में, 13 डिग्री शेखपुरा व मोतिहारी में, 12.5 डिग्री मुंगेर में, 12.2 डिग्री मुजफ्फरपुर में, 11.7, भागलपुर में, 10.6 डिग्री, वैशाली में, 10.4 डिग्री सेल्सियस समस्तीपुर में गिरा। सबसे ज्यादा न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री सेल्सियस अररिया में गिरा।

आंधी में टूटा कुशेश्वरनाथ मंदिर का गुंबद

दरभंगा स्थित बाबा कुशेश्वरनाथ महादेव मंदिर के शिखर पर लगा पंच कलश स्वरूप गुंबद आंधी में टूटकर लटक गया। यह मंदिर मिथिला के बाबाधाम के नाम से विख्यात है। घटना के बाद ग्रामीण मोबाइल से मंदिर के शिखर पर लटक रहे पंच कलश की तस्वीर को कैद करते दिखाई दिए। देखते ही देखते यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। पंच कलश टूटने की घटना को लेकर ग्रामीणों में तरह-तरह की चर्चाएं है।

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