बिहार चुनाव के बहिष्कार की बात लोकतंत्र का अपमान, हार छिपाने के लिए बोल रहे तेजस्वी यादव; बोली BJP
भारतीय जनता पार्टी के नेता नीरज कुमार ने एक्स पर लिखा, ‘तेजस्वी यादव का चुनाव बहिष्कार का बयान न केवल गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि यह बिहार की जनता और लोकतंत्र के प्रति उनकी उदासीनता को दर्शाता है ,यह लोकतंत्र को अपमानित करने वाला बयान है।’
बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले वोटर लिस्ट सत्यापन पर विवाद जारी है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा है कि विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण पर विपक्ष चुनाव बहिष्कार का निर्णय ले सकता है। अब इसपर बीजेपी की भी प्रतिक्रिया आई है। बीजेपी के नेता नीरज कुमार ने कहा है कि तेजस्वी यादव अपनी हार की आशंका को छिपाने के लिए इस तरह का बयान दे रहे हैं।
भारतीय जनता पार्टी के नेता नीरज कुमार ने एक्स पर लिखा, 'तेजस्वी यादव का चुनाव बहिष्कार का बयान न केवल गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि यह बिहार की जनता और लोकतंत्र के प्रति उनकी उदासीनता को दर्शाता है ,यह लोकतंत्र को अपमानित करने वाला बयान है। यह लोग हाथ में संविधान की कॉपी लेकर जरूर चलते हैं लेकिन संविधान और लोकतंत्र के प्रति उनके मन में थोड़ा भी सम्मान नहीं है।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाना है, जिसमें मृत, प्रवासी, या डुप्लिकेट मतदाताओं को हटाकर वास्तविक मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा की जा रही है। चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है, और इसकी कार्यप्रणाली पर बेबुनियाद आरोप लगाना राजद की हताशा और हार के डर को दर्शाता है।
तेजस्वी यादव का यह दावा कि मतदाता सूची में हेरफेर किया जा रहा है, पूरी तरह से निराधार है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि 56 लाख नामों को हटाने की प्रक्रिया में 20 लाख मृत मतदाता, 28 लाख स्थायी रूप से प्रवासित, 7 लाख डुप्लिकेट, और 1 लाख अज्ञात व्यक्ति शामिल हैं। यह प्रक्रिया जनवरी 2025 से चल रही है, और इसमें संशोधन के लिए पर्याप्त समय दिया गया है। यदि राजद को कोई वास्तविक शिकायत है, तो उन्हें इसके सबूत पेश करने चाहिए, न कि लोकतंत्र को कमजोर करने वाले बयान देने चाहिए।
हम बिहार की जनता से अपील करते हैं कि वे राजद की इस नकारात्मक राजनीति को नजरअंदाज करें और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लें। भाजपा-जदयू गठबंधन निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव के लिए प्रतिबद्ध है, और हम सुनिश्चित करेंगे कि हर पात्र मतदाता का अधिकार सुरक्षित रहे। तेजस्वी यादव को अपनी हार की आशंका को छिपाने के लिए इस तरह के गैर-जिम्मेदाराना बयान देने के बजाय, जनता के बीच जाकर अपनी नीतियों और उपलब्धियों पर चर्चा करनी चाहिए।'
SIR पर क्या बोले तेजस्वी यादव
आपको बता दें कि मतदाता सत्यापन के मसले पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में विपक्ष चुनाव बहिष्कार का निर्णय ले सकता है। उन्होंने कहा कि हम इसपर विचार करेंगे। देखेंगे कि सभी लोगों की राय क्या बनती है। बुधवार शाम अपने सरकारी आवास पर पत्रकारों से बातचीत में बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि बेईमानी से यह तय कर ली गई है कि इसे इतनी सीट देनी है, उसे इतनी, तो चुनाव कराएं न कराएं। भाजपा को ही विस्तार दे देना चाहिए।
बिहार में चुनाव होना है और अचानक से इतना बड़ा ड्राइव चला दिया गया। लोगों में भ्रम है। बीएलओ लोगों के घर नहीं जा रहे हैं। खुद ही फॉर्म भर दे रहे हैं। चुनाव आयोग सामने आकर कोई बयान नहीं दे रहा है। मजबूरी में हमें अदालत का सहारा लेना पड़ रहा है। आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है। पहले वोटर सरकार चुनते थे। अब सरकार वोटर चुन रही है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि सदन इस बात के लिए होता है कि सत्ता पक्ष और विपक्ष अपनी-अपनी बातें रखें और उसपर चर्चा हो।




साइन इन