बिहार चुनाव के बहिष्कार पर चर्चा कर सकता है विपक्षी महागठबंधन; तेजस्वी यादव ने फोड़ दिया बॉयकॉट बम
बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण पर जारी बवाल के बीच राजद नेता और महागठबंधन के अघोषित सीएम कैंडिडेट तेजस्वी यादव ने चुनाव बहिष्कार के विकल्प पर अलायंस में चर्चा की बात की है।

बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण को लेकर राज्य में विपक्षी दलों के बवाल के बीच राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता और महागठबंधन के अघोषित CM कैंडिडेट तेजस्वी यादव ने विधानसभा चुनाव के बहिष्कार पर विपक्षी दलों के अलायंस में चर्चा की बात से इनकार नहीं किया है। विधानसभा में भी इस पर काफी हंगामा हो रहा है और आज भी विपक्षी सदस्य सदन से बाहर चले गए। वहीं, चुनाव आयोग ने बुधवार शाम को बयान जारी कर बताया है कि वोटर लिस्ट रिवीजन की प्रक्रिया में 98 फीसदी मतदाता कवर हो चुके हैं।
तेजस्वी यादव ने एक समाचार एजेंसी से बातचीत में चुनाव बहिष्कार के विकल्प पर विचार के सवाल पर जवाब में कहा- “हो सकता है। इस बात पर भी चर्चा हो सकती है। वो हम लोग देखेंगे कि जनता क्या चाहती है और सब लोगों का क्या राय है। अगर ऐसा करना पड़े। जब आप बेईमानी से सब कुछ तैयार कर रखे हैं कि इसको इतना सीट देना है, उसको इतना सीट देना है तो चुनाव ही मत कराओ। तो इसमें देखा जाएगा कि क्या करना है।”
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याद दिला दें कि बिहार में 25 जून से मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण चल रहा है जिसमें वोटरों को 11 तरह के दस्तावेज दिखाने हैं अगर उनका नाम 2003 में हुई स्पेशल इन्टेन्सिव रिवीवज के बाद बनी वोटर लिस्ट में शामिल नहीं था। वोटर लिस्ट रिवीजन में विपक्ष बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की शिकायतें कर रहा है और कह रहा है कि इससे गरीब, कमजोर और अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों का वोट काटने की साजिश रची जा रही है। 25 जुलाई तक पुनरीक्षण का पहला चक्र है जिसके बाद मतदाता सूची का एक मसौदा सामने आएगा। उस पर आपत्ति और निराकरण का भी समय रखा गया है।




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