वोट गिरवी रखने वालों..., बिहार में बिजली हुई महंगी तो नीतीश सरकार पर खूब बरसे तेजस्वी यादव
तेजस्वी यादव ने लिखा है कि 10 हजारिया के फेर में फौरी तौर पर खुश होकर वोट गिरवी रखने वालों को यह सरकार अभी इससे भी बुरे दिन दिखाएगी। नई सरकार के अभी 4 महीने ही हुए है, सरकार का खजाना एकदम खाली है और जो बचा-खुचा है उसे भ्रष्ट अधिकारी स्वयं समेट लेंगे।
बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य की NDA सरकार पर एक बार फिर हमला बोला है। इस बार तेजस्वी यादव ने राज्य में बिजली की दरें बढ़ाने पर सरकार को आड़े हाथों लिया है। इस दौरान तेजस्वी यादव ने यह भी दावा किया है कि सरकारी खजाना खाली है और जो बचा हुआ है उसे भ्रष्ट अधिकारी समेट लेंगे। तेजस्वी यादव ने फेसबुक पर एक पोस्ट में लिखा, 'सोमवार को जारी बयान में कहा है कि जदयू-भाजपा ने फिर पलटी मारी। चुनावों के वक्त मुफ़्त 125 यूनिट फ़्री बिजली देने का वादा कर चीटर मीटर वाले महज 4 महीने में ही जनता को लूटने वाले अपने असल रंग में लौट आए। अब बिहार में शाम 11 बजे तक सर्वाधिक खपत वाले 6 घंटे बिजली बिल 8.10 रूपये प्रति यूनिट, रात्रि 11 बजे से सुबह के 9 बजे तक यानि 10 घंटे तक 7.10 रुपए और फिर शेष 8 घंटे 5.94 ₹ प्रति यूनिट आपकी जेब से वसूलेंगे।
10 हजारिया के फेर में फौरी तौर पर खुश होकर वोट गिरवी रखने वालों को यह सरकार अभी इससे भी बुरे दिन दिखाएगी। नई सरकार के अभी 4 महीने ही हुए है, सरकार का खजाना एकदम खाली है और जो बचा-खुचा है उसे भ्रष्ट अधिकारी स्वयं समेट लेंगे।
चुनाव आयोग की अनैतिकता, धूर्तता और निर्जल्लता के सानिध्य में मशीनी तंत्र के मार्फ़त जनतंत्र को खत्म करने के इरादे से लड़े गए इस चुनाव में भ्रष्ट भूंजा पार्टी एवं भ्रष्ट अधिकारियों के कार्टेल ने स्थापित लोकतांत्रिक मर्यादाओं, परंपराओं तथा लोकलाज को तार-तार करते हुए चुनाव के आख़िरी 35 दिनों में (वोटिंग के समय तक भी) जो 41,000 हज़ार करोड़ रुपए नगद सरकारी खजाने का बांटा है अब आगामी पाँच साल तक उसकी जी भरकर वसूली करेंगे।'
आपको बता दें कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर वाले बिहार के 87 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को आगामी एक अप्रैल से दिन में सस्ती तो शाम में महंगी बिजली मिलेगी। नए नियम के मुताबिक, देर रात्रि के बाद खपत के अनुसार ही बिजली बिल देना होगा। दरअसल बिजली कंपनी की एक याचिका को हाल ही में बिहार विद्युत विनियामक आयोग ने टाइम ऑफ डे (टीओडी) टैरिफ को मंजूरी दे दी है। पिछले वर्ष केवल औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए यह व्यवस्था थी। लेकिन, अब स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने वाले सभी उपभोक्ताओं को इसी नियम के अनुसार बिजली मिलेगी। स्मार्ट मीटर नहीं होने की स्थिति में जिनका लोड 10 किलोवाट से अधिक होगा, उनको दिन में सस्ती तो शाम में महंगी बिजली मिलेगी।
बिजली कंपनी ने कृषि कनेक्शन को छोड़ सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए टीओडी का प्रस्ताव दिया था। विमर्श के बाद आयोग ने टीओडी मंजूर किया। इसके अनुसार रात के 11 बजे से सुबह नौ बजे तक बिजली खपत करने पर कंपनी की ओर से निर्धारित दर के अनुसार ही बिजली बिल देना होगा। यानी अगर 100 रुपए की बिजली खपत होगी तो उनको उतना ही पैसा देना होगा। वहीं सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक बिजली खपत करने पर लोगों को मात्र 80 फीसदी ही पैसा देना होगा। यानी अगर इस अवधि में 100 रुपए की बिजली खपत होगी तो उपभोक्ताओं को मात्र 80 रुपए ही देने होंगे। जबकि शाम पांच बजे से रात 11 बजे तक अगर 100 रुपए की बिजली खपत करेंगे तो 120 रुपए देने होंगे।




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