तेजस्वी माफी मांगे, 'बेचारा' पर विधानसभा में भारी बवाल; सत्ता और विपक्ष ने पोस्टर लहराया
रामविलास पासवान के लिए बेचारा शब्द उपयोग करने पर बिहार विधानसभा में जोरदार बवाल हुआ। लोजपा आर ने इस पर तेजस्वी यादव से सदन में आकर माफी मांगने की मांग की। पार्टी विधायक राजू तिवारी ने इसे अपने नेता का अपमान बताया।

पूर्व केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक(केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के पिता) रामविलास पासवान के लिए बेचारा शब्द उपयोग करने पर बिहार विधानसभा में जोरदार बवाल हुआ। लोजपा आर ने इस पर तेजस्वी यादव से सदन में आकर माफी मांगने की मांग की। पार्टी विधायक राजू तिवारी ने इसे अपने नेता का अपमान बताया। सदन में सत्ताधारी और विपक्ष दोनों ओर से पोस्टर लहराए गए। इससे पहले लोजपा आर के जमुई सांसद अरुण कुमार भारती ने भी आपत्ति जताई। राजद विधायक सह पू्र्व मंत्री सर्वजीत कुमार ने रामविलास पासवान के लिए बेचारा शब्द का इस्तेमाल किया था। हालांकि सोमवार को उन्होंने इस पर सफाई भी दी।
सदन की कार्यवाही शुरु होते ही विधानसभा में रामविलास पासवान के मुद्दे पर बवाल होने लगा। पक्ष और विपक्ष के नेता हाथों में तख्ती लेकर हंगामा करने लगेष अध्यक्ष प्रेम कुमार सबको शांत रहने और बैठ जाने की अपील करते रहे लेकिन किसी ने भी बात नहीं सुनी।भारी हंगामे के बीच सदन में प्रश्नकाल शुरु हुआ। लेलिन नारेबाजी और शोर शऱाबे का दौर नहीं थमा।
राजू तिवारी ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की की पार्टी ने के नेता ने उनके नेता और गरीबो के मसीहा रामविलास पासवान को लेकर विवादित बयान दिया है। इसके लिए तेजस्वी सदन में आएं और सबके सामने माफी मांगे। राजू तिवारी के इतना कहते ही विपक्ष के विधायक अपने-अपने हाथों में तख्ती लेकर खड़ा हो गए। इस पर सत्ता पक्ष के विधायक भी उग्र हो गए। हाथों में तख्ती लेकर खड़ा हो गए सदन में भारी बवाल का माहौल बन गया।
राजू तिवारी ने कहा कि जिन्होंने देश भर में दलितों, पिछड़ों का मान सम्मान बढ़ाया उनके अपमान से भी राजद के नेता पीछ नहीं हटते और लालू जी खुद को गरीबों का मसीहा कहते हैं। यह कतई स्वीकार नहीं है। हमारे नेता का अपमान करने वाले और कराने वाले सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।
सोमवार को विधानसभा परिसर में सर्वजीत कुमार(राजद विधायक) ने कहा कि सदन में कहा था कि बेचारे रामविलास पासवान अगर सदन में होते तो हमारी आवाज बुलंद करते। लेकिन आज उनकी कमी बहुत खल रही है। ऐसा कहकर मैंने उनका सम्मान किया था। उन्हें अपमानित करने जैसी कोई बात नहीं है। एनडीए के नेता बिना वजह राजनीति करते हैं। हम तो उनकी प्रतिमा लगाने की मांग करते हैं। बेचारा शब्द श्रद्धा की भाषा है। दलित की बात करने वाले का पुतला दहन हो रहा है। इससे पता चलता है कि चिराग पासवान दलित विरोधी है।




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