Biofuel pumps will open in Bihar villages Rural Works Department formed engineers committee बिहार में गांव-गांव खुलेंगे बायोफ्यूल पंप, ग्रामीण कार्य विभाग ने बनाई ने इंजीनियरों की कमेटी, Bihar Hindi News - Hindustan
More

बिहार में गांव-गांव खुलेंगे बायोफ्यूल पंप, ग्रामीण कार्य विभाग ने बनाई ने इंजीनियरों की कमेटी

बायोफ्यूल पंप या बायोडीजल रिटेल आउटलेट का काम करने का तरीका सामान्य पेट्रोल पंप की तरह ही होता है। बायोफ्यूल एक जैविक ईंधन है, जो पेट्रोल-डीजल के मुकाबले किफायती होता है। इससे कार्बन उत्सर्जन भी कम होता है। 

Mon, 16 Feb 2026 03:22 PMJayesh Jetawat हिन्दुस्तान ब्यूरो, पटना
share
बिहार में गांव-गांव खुलेंगे बायोफ्यूल पंप, ग्रामीण कार्य विभाग ने बनाई ने इंजीनियरों की कमेटी

बिहार में गांव-गांव बायोफ्यूल पंप खुलेंगे। ग्रामीण सड़कों के किनारे अब गैर पारंपरिक पेट्रोल पंप (बायोफ्यूल पंप या बायोडीजल रिेटेल आउटलेट) खोलना आसान होगा। सड़क से पेट्रोल पंप तक पहुंच पथ का उपयोग करने में हो रही परेशानी को देखते हुए ग्रामीण कार्य विभाग ने इंजीनियरों की एक कमेटी बनाई है। यह पथ निर्माण विभाग की तरह ही ग्रामीण सड़कों के किनारे खुलने वाले गैर पारंपरिक पेट्रोल पंप तक आने-जाने का रास्ता बनाने की मंजूरी देने की प्रक्रिया तय करेगी।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार ग्रामीण कार्य विभाग के क्षेत्राधिकार में अवस्थित ग्रामीण सड़कों के किनारे पेट्रोलियम रिटेल आउटलेट, किसान सेवा केंद्र या हमारा पंप स्थापित किए जा रहे हैं। इसके लिए सरकारी भूमि का प्रयोग पहुंच पथ के रूप में किया जाता है। सड़क से पेट्रोल पंप तक पहुंच पथ का उपयोग बनाने में सरकारी भूमि का उपयोग करने के लिए 2018 में ही नियम-कानून तय कर दिए गए थे।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:बिहार में गांव-गांव बनेगी टू-लेन सड़क, पथ निर्माण में बड़े काम का ऐलान

इसी क्रम में ग्रामीण सड़कों के किनारे अब बायोडीजल रिटेल आउटलेट, बायोफ्यूल पंप की स्थापना के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने के लिए कई कार्यपालक अभियंताओं ने विभाग को अपनी अनुशंसा भेजी। इसे देखते हुए ग्रामीण कार्य विभाग ने तय किया है कि पथ निर्माण विभाग की तरह ही ग्रामीण सड़कों के किनारे बायोफ्यूल पंप या बायोडीजल रिटेल आउटलेट खोलने की अनुमति दी जाए।

इसकी क्या प्रक्रिया हो, इसके लिए विभाग ने अभियंता प्रमुख सह अपर आयुक्त सह विशेष सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित कर दी है। जबकि सदस्य के तौर पर अभियंता प्रमुख, मुख्य अभियंता निर्माण एवं गुणवत्ता नियंत्रण, मुख्य अभियंता अनुरक्षण एवं उन्नयन और अधीक्षण अभियंता सह नोडल पदाधिकारी पीएमजीएसवाई को शामिल किया गया है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:बिहार में 33 लाख राशन कार्डधारियों के कटेंगे नाम, कंपनी के निदेशक भी ले रहे अनाज

विभाग को रिपोर्ट देगी कमेटी

इंजीनियरों की कमेटी विभाग को रिपोर्ट देगी कि ग्रामीण सड़कों के किनारे बायोफ्यूल पंप या बायोडीजल रिेटेल आउटलेट खोलने के लिए अनुमति की प्रक्रिया क्या हो। समिति से रिपोर्ट मिलने के बाद ग्रामीण कार्य विभाग ग्रामीण सड़कों के किनारे बायोफ्यूल पंप या बायोडीजल रिटेल आउटलेट खोलने की अनुमति प्रदान करने लगेगा।

क्या होता है यह बायोफ्यूल पंप

बायोफ्यूल पंप या बायोडीजल रिटेल आउटलेट पारंपरिक पेट्रोल पंप से अलग होते हैं। हालांकि इनका काम करने का तरीका (ईंधन भरवाना) एक जैसा ही होता है। ये मुख्य रूप से वनस्पति तेल, पशु वसा या अन्य जैविक कचरे से बने डीजल की बिक्री के लिए होते हैं। बायोडीजल पंप पर शुद्ध बायोडीजल या मिश्रित रूप में मिलता है, जो पर्यावरण के अनुकूल है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:बिहार के 436 पैक्स में चुनाव की तारीख का ऐलान, वोटिंग और रिजल्ट एक ही दिन

इससे कार्बन कम उत्सर्जन होता है। इन पंपों पर अक्सर बायोडीजल या बायोफ्यूल स्पष्ट तौर पर लिखा होता है। एक तरह से यह हरित विकल्प होता है जो सामान्य पेट्रोल पंप की तरह सुविधा ही देता है और यह किफायती भी होता है।

लेटेस्ट Hindi News और Bihar News के साथ-साथ Patna News, Muzaffarpur News, Bhagalpur News और अन्य बड़े शहरों की ताज़ा खबरें हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।