tauseef badshah know about paras hospital entry and exit balwant gives gun to chandan mishra shooters पारस अस्पताल के चप्पे-चप्पे से कैसे वाकिफ हुआ तौसीफ, किसने दिए शूटरों को हथियार; चंदन मिश्रा मर्डर केस में कई खुलासे, Bihar Hindi News - Hindustan
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पारस अस्पताल के चप्पे-चप्पे से कैसे वाकिफ हुआ तौसीफ, किसने दिए शूटरों को हथियार; चंदन मिश्रा मर्डर केस में कई खुलासे

तौसीफ उर्फ बादशाह को पता था कि किस-किस ओर से अस्पताल में दाखिल होने का रास्ता है। उसे अस्पताल के कर्मी भी पहचान चुके थे। यह भी एक कारण है कि तौसीफ को किसी ने रोक-टोक नहीं की।

Tue, 22 July 2025 06:12 AMNishant Nandan हिन्दुस्तान, मुख्य संवाददाता, पटना
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पारस अस्पताल के चप्पे-चप्पे से कैसे वाकिफ हुआ तौसीफ, किसने दिए शूटरों को हथियार; चंदन मिश्रा मर्डर केस में कई खुलासे

सजायाफ्ता चंदन की हत्या में शामिल निशू खान और उसका मौसेरा भाई तौसीफ पारस अस्पताल के चप्पे-चप्पे को जानते थे। उन्हें पता था कि किस वक्त और किस ओर से अस्पताल में आसानी से घुसा जा सकता था। दरअसल, कुछ वर्ष पहले शास्त्रीनगर थाने के नेहरू पथ पर निशू खान अपनी गाड़ी से जा रहा था। उसकी महिला मित्र भी गाड़ी में सवार थी। तभी निशू को गोली मारी गई। इसके बाद उसे पारस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उस दौरान तौसीफ ही निशू के अटेंडेंट के रूप में अस्पताल में रहा था। तभी वहां उसकी जान-पहचान हो गई।

इतने दिनों तक रहने के दौरान ही तौसीफ ने अस्पताल के चप्पे-चप्पे को देख लिया। उसे पता था कि किस-किस ओर से अस्पताल में दाखिल होने का रास्ता है। उसे अस्पताल के कर्मी भी पहचान चुके थे। यह भी एक कारण है कि तौसीफ को किसी ने रोक-टोक नहीं की। उसी ने बाकी के शूटरों को यह भी बताया कि वारदात को अंजाम देने के बाद किस ओर से भागना है।

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शूटरों को अस्पताल लेकर पहुंचा बलवंत, शेरू सिंह के संपर्क में था

चंदन मिश्रा हत्याकांड में परत-दर-परत कई राज खुलते जा रहे हैं। इस खूनी वारदात को अंजाम देने में पर्दे के पीछे कई किरदार हैं। किसी ने शूटरों को पैसे दिये हैं तो किसी ने साजिश रची है। वहीं पुलिस और एसटीएफ की जांच में धीरे-धीरे सभी चीजें उजागर हो रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, बलवंत शूटरों को लेकर पारस अस्पताल पहुंचा था और वह शेरू सिंह के संपर्क में था। सूत्रों की मानें तो जिन शूटरों ने चंदन की हत्या की उनमें से पांच को बलवंत लेकर आया था। बलवंत ने ही तौसीफ उर्फ बादशाह समेत अन्य को 10 पिस्टल दी थी। वह लगातार पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जेल में बंद शेरू सिंह के संपर्क में था।

शेरू के इशारे पर ही वह हर कदम उठा रहा था। इस वारदात में चंदन के करीबियों को भी मिला लिया गया था ताकि उसके बारे में सटीक खबरें मिल सकें। सूत्र बताते हैं कि शेरू ने सभी शूटरों को पांच-पांच लाख रुपये देने की बात कही थी। बलवंत को पता था कि तौसीफ को पारस अस्पताल के बारे में पूरी जानकारी है।

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लिहाजा उसने इस साजिश में उसे भी शामिल कर लिया। अब भी इस वारदात में शामिल कई अपराधियों की तलाश पुलिस टीम को है। कइयों के नाम भी सामने आ चुके हैं जिनकी तलाश में पुलिस ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है। बताया जाता है कि हत्याकांड को अंजाम देने के बाद भागे तौसीफ ने अपनी दाढ़ी कटवा ली थी।

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