बिहार में मतदाता पुनरीक्षण में 44 लाख वोटर अपने पते पर नहीं मिले, चुनाव आयोग ने बताया
आयोग के अनुसार, राज्य में अबतक 7 करोड़ 16 लाख 3 हजार 218 मतदाताओं (90.67 प्रतिशत) के गणना फॉर्म प्राप्त हो चुके हैं। बिहार में मतदाता सूची के पुनरीक्षण के क्रम में 11, 484 मतदाता ऐसे हैं, जिनकी किसी भी तरह की जानकारी नहीं मिल पा रही है।
बिहार में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के क्रम में अब भी 43 लाख 92 हजार 864 मतदाता अपने पता पर नहीं मिल रहे हैं। ये राज्य के कुल 7,89,69,844 मतदाताओं का 5.66 प्रतिशत हैं। वहीं, 29.62 लाख मतदाताओं (3.77 प्रतिशत) की जानकारी भी राजनीतिक दलों को दी गई है जिन्होंने अबतक अपना गणना फॉर्म भर कर जमा नहीं किये हैं। जबकि, गणना फॉर्म जमा करने को लेकर चार दिन शेष रह गए हैं।
सोमवार को चुनाव आयोग ने बताया कि राजनीतिक दल सहित पूरी चुनाव मशीनरी इस बात का प्रयास कर रही हैं कि कोई भी मतदाता एक अगस्त को प्रकाशित होने वाले प्रारुप मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न हो। आयोग के अनुसार, राज्य में अबतक 7 करोड़ 16 लाख 3 हजार 218 मतदाताओं (90.67 प्रतिशत) के गणना फॉर्म प्राप्त हो चुके हैं। बिहार में मतदाता सूची के पुनरीक्षण के क्रम में 11, 484 मतदाता ऐसे हैं, जिनकी किसी भी तरह की जानकारी नहीं मिल पा रही है।
इधर बिहार में चुनाव आयोग के निर्देश पर जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े 11 दस्तावेजों की उपलब्धता को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है। इसके लिए संबंधित विभागों एवं कार्यालयों से उनके की ओर से बिहार में जारी दस्तावेजों की संख्या को लेकर रिपोर्ट देने को कहा गया है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के पहले निर्धारित 11 दस्तावेजों के आधार पर ही मतदाताओं का सत्यापन किया जाना है। विपक्षी दलों की ओर से बार-बार इन 11 दस्तावेजों की अनिवार्यता को लेकर निशाना साधे जाने और सब के पास इनके उपलब्ध नहीं होने तथा आधार नंबर या पैन कार्ड आदि को भी इसमें शामिल करने को लेकर दबाव बनाया जा रहा है।
ऐसे में आयोग ने दस्तावेजों की जानकारी एकत्र करना शुरू कर दिया है। बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) ने निर्धारित 11 दस्तावेजों के जारी किए जाने से को लेकर रिपोर्ट संबंधित विभागों एवं कार्यालयों से मांगी है। इनमें केंद्र एवं राज्य सरकार के कार्यालय और विभाग दोनों शामिल हैं। आयोग की तैयारी अगले एक माह में दावा-आपत्ति के बाद मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन तय समय पर करना है।




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