दार्जिलिंग में चाय बगान, महिला मित्र के लिए नेपाल में मकान बनवाया; बिहार का धनकुबेर इंजीनियर
उनके सात ठिकानों पर मंगलवार को एक साथ आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की छापेमारी में यह खुलासा हुआ। हालांकि, जांच अधिकारियों के मुताबिक छापे में बरामद दस्तावेजों की जांच व सत्यापन के बाद पूरी संपत्ति का पता चलेगा।

बिहार के एक धनकुबेर इंजीनियर की दौलत के बारे में जानकर आप हैरान रह जाएंगे। मधुबनी जिले के जयनगर में तैनात विद्युत कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार रजक ने 17 साल की अपनी सेवा में 100 करोड़ की संपत्ति बनायी। उनके सात ठिकानों पर मंगलवार को एक साथ आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की छापेमारी में यह खुलासा हुआ। हालांकि, जांच अधिकारियों के मुताबिक छापे में बरामद दस्तावेजों की जांच व सत्यापन के बाद पूरी संपत्ति का पता चलेगा।
मनोज रजक ने बिजली कंपनी में 2009 में बतौर सहायक अभियंता योगदान किया था। छापे में अभियंता की संपत्ति बिहार के कई जिलों के अलावा नेपाल और बंगाल में भी होने के प्रमाण मिले हैं। मनोज कुमार व उनके परिजनों के नाम पर सिलीगुड़ी, दरभंगा, सुपौल के करजाईन और अररिया में तीन करोड़ के 17 भूखंडों की जानकारी मिली है।
मनोज कुमार के भाई संजय रजक के नाम पर सुपौल में गैस एजेंसी चलाये जाने तथा अपनी पत्नी वीणा श्री के नाम पर दरभंगा-बिरौल पथ में पेट्रोल पंप के लिए लीज पर भूखंड लिये जाने के भी कागजात मिले हैं। अभियंता के विरुद्ध आय से 62.66 फीसदी अधिक संपत्ति की प्राथमिकी दर्ज की गयी थी। 17 साल की सेवा के दौरान मनोज रजक की कुल अनुमानित आया एक करोड़ 90 लाख 60 हजार है। वहीं, इस दैरान उनकी व्यय एक करोड़ 45 लाख 17 हजार है।
कार्यपालक अभियंता के दरभंगा, जयनगर, और सुपौल के निर्मली व करजाईन स्थित आवास, कार्यालय एवं उनके व्यवसायिक ठिकानों सहित सात जगहों पर छापेमारी हुई। इन जगहों से 1.05 लाख नकद और बैंकों में 4.25 लाख रुपये मिले हैं। 18 लाख रुपये मूल्य के दो वाहन (स्कॉर्पियो व डिजायर) का भी पता चला है।
दार्जिलिंग में चाय दस्तावेज होने के दस्तावेज मिले
ईओयू को कार्यपालक अभियंता मनोज रजक के पार्टनरशिप में दार्जिलिंग में चाय बगान होने के दस्तावेज मिले हैं। साथ ही उनके द्वारा अपने भाई संजय रजक के नाम पर सुपौल में इंजीनियर एचपी गैस ग्रामीण वितरक एजेंसी चलाई जा रही है। यह एजेंसी संजय के नाम पर खरीदे गए भूखंड को मनोज के नाम पर ट्रांसफर करने के बाद खोला गया है। इसलिए संजय को केस में सह अभियुक्त बनाया गया है।
महिला मित्र के लिए नेपाल में बनवाया मकान
कार्यपालक अभियंता ने नेपाल के सुनसरी जिले में अपनी एक महिल मित्र के लिए मकान का निर्माण कराया है। ईओयू के जांच अधिकारियों को यह जानकारी उनके पत्नी के माध्यम से ही मिली, जिनका सत्यापन कराया गया। मकान निर्माण के लिए अभियंता ने मजदूर अपने पैतृक गांव से भेजे है।
इंजीनियर ने सुपौल में तीन गोदाम और भवन बनवाये
जयनगर के विद्युत कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार रजक के ठिकानों पर छापेमारी में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। मनोज कुमार रजक ने अपनी उक्त गैस एजेंसी के नाम पर खरीदे गये स्कॉर्पियो वाहन को अपने कार्यालय से सरकारी कार्यों में प्रयुक्त दिखाते हुए उसका किराया भुगतान बैंक खाते में प्राप्त किया। तलाशी में सुपौल के करजाईन में मनोज कुमार द्वारा तीन गोदाम व भवन जबकि निर्मली में एक गोदाम और दरभंगा शहर में एक आवासीय मकान बनाये जाने की जानकारी मिली है। इनका मूल्यांकन अलग से कराया जा रहा है।
तलाशी में मनोज रजक की पत्नी वीणा श्री के नाम पर एसएच 56 दरभंगा-बिरौल पथ पर पेट्रोप पंप खोलने की योजना की भी जानकारी मिली। इसके लिए लीज पर लिए गये 39.14 डिसमिल भूखंड हेतु जमीन मालिकों का अनापत्ति प्रमाण पत्र भी मिला। ईओयू के मुताबिक कई बैंक, पोस्ट ऑफिस, जीवन बीमा आदि में निवेश से संबंधित कागजात बरामद हुए हैं। ईओयू अधिकारियों के बैंक पासबुक, जमीन से संबंधित डीड, नये वाहन खरीद से संबंधित मिले कई कागजात को देखते हुए प्राथमिकी में दर्ज आय से अधिक संपत्ति में इजाफा होने की संभावना है।
लाइसेंसी पिस्तौल भी रखते हैं अभियंता: कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार रजक के किराये के मकान में छापेमारी के बाद चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। कार्यपालक अभियंता अकूत संपत्ति के मालिक हैं। वे लाइसेंसी पिस्तौल भी रखते हैं। सोना की चेन के शौकीन हैं। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि उनके पास घोषित आय से करीब 62%अधिक संपत्ति पाई गई है। फिलहाल दस्तावेजों और संपत्तियों की गहन जांच जारी है।




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