ईओ कृष्ण भूषण ने एक बदमाश को दबोचा तो दूसरे ने मारी गोली, भागलपुर में पहली बार चैंबर में घुस अफसर की हत्या
वहां मौजूद लोगों का कहना है कि चैंबर में कुल छह राउंड फायरिंग हुई जिनमें दो गोली सभापति को मारी गई और तीन गोली कार्यपालक पदाधिकारी को मारी जबकि एक फायरिंग मिस हो गई। कार्यपालक पदाधिकारी के सिर में सटाकर गोली मारी गई जिससे उनकी रास्ते में मौत होने की बात कही गई।

बिहार के भागलपुर जिले के सुल्तानगंज नगर परिषद में हुई घटना के सीसीटीवी फुटेज में दिखा है कि तीनों बदमाश हथियार लेकर कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार के चैंबर में घुस गए। घुसने के बाद अपराधी ने सभापति राजकुमार गुड्डू पर गोली चला दी। उनपर गोली चलते ही कार्यपालक पदाधिकारी उन अपराधियों से भिड़ गए। वे अपराधियों से हाथापाई करते नजर आए। पदाधिकारी कभी इधर तो कभी उधर खड़े अपराधियों का विरोध कर रहे थे। उसी दौरान खुद को फंसता देख अपराधियों ने कार्यपालक पदाधिकारी पर फायरिंग शुरू कर दी।
वहां मौजूद लोगों का कहना है कि चैंबर में कुल छह राउंड फायरिंग हुई जिनमें दो गोली सभापति को मारी गई और तीन गोली कार्यपालक पदाधिकारी को मारी जबकि एक फायरिंग मिस हो गई। कार्यपालक पदाधिकारी के सिर में सटाकर गोली मारी गई जिससे उनकी रास्ते में मौत होने की बात कही गई। कार्यपालक पदाधिकारी का ससुराल मोतिहारी में है। मायागंज नगर विधायक रोहित पाण्डेय, जिप अध्यक्ष विपीन मंडल, मेयर डॉ. बसुंधरा लाल समेत कई लोग पहुंचे।
1987 की आयी याद: चैंबर में घुसकर अफसर की गोली मारकर हत्या की भागलपुर में यह पहली घटना है। घटना ने एक तरफ जहां अपराधियों के बढ़े मनोबल को दर्शा दिया वहीं पदाधिकारी और जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़ा कर दिया है। छोटे स्तर के जनप्रतिनिधि में भय का माहौल बन गया है। सुल्तानगंज के पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। फील्ड में पुलिस सहित अन्य पदाधिकारियों पर हमले की घटनाएं कई बार हो चुकी हैं। इससे पहले प्रखंड स्तर पर पदाधिकारियों को चैंबर में घुसकर धमकाने की घटनाएं भागलपुर और नवगछिया में होती रही हैं पर हत्या करने की पहली घटना है। इससे पहले 19 जनवरी 1987 को भागलपुर के चंपानगर इलाके में डीएसपी सुखदेव मेहरा की आक्रोशित भीड़ ने हत्या कर दी थी।
बेहतर कार्य को लेकर याद किये जा रहे ईओ
नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार की मौत के बाद उनके कार्यकाल की चर्चा चारों ओर हो रही है। कहते हैं ईओ ईमानदार, कर्मठ, कार्य करने के प्रति समर्पित पदाधिकारी के रूप में जाने जाते थे। नगर क्षेत्र के विकास को लेकर काफी तत्पर रहते थे। हाल के दिनों में ही उन्हें बेस्ट अकाउंट्स प्रैक्टिस अवार्ड से दिल्ली में सम्मानित भी किया गया था। बताया जा रहा है कि वे लगभग आठ माह तक नप सुल्तानगंज में ईओ पद पर कार्य किये।




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