हमारा ही वर्चस्व रहेगा, भागलपुर में ईओ को गोली मारते वक्त चिल्ला रहे थे हत्यारे; ऑफिस में मौजूद लोग क्या बोले
स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य संजय चौधरी ने बताया कि गोली मारने के दौरान एक अपराधी कह रहा था कि नगर परिषद में उसके अलावा किसी और का नहीं चलने वाला है। उनपर गोली चलते ही हमलोग चैंबर से जान बचाकर बाहर भागे।

भागलपुर के सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय परिसर में मंगलवार की शाम 4.05 बजे नकाबपोश अपराधियों ने कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार की सभापति के चैंबर में गोली मारकर हत्या कर दी। अपराधियों ने परिषद के सभापति राजकुमार गुड्डू को भी गोली मारी। उनकी हालत गंभीर है। कार्यपालक पदाधिकारी को तीन गोली मारने की बात सामने आई है। गोली उनके सिर में मारी गई। सभापति को दो गोली मारी गई है जो उनके सिर व सीने में फंसी है। भाजपा से जुड़े सभापति को मायागंज अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद देर शाम पटना रेफर कर दिया गया है। घटना सीसीटीवी में कैद हुई है।
इस गोलीबारी के वक्त स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य संजय चौधरी ईओ के दफ्तर में ही मौजूद थे। संजय चौधरी ने बताया कि घटना के समय मैं कार्यपालक पदाधिकारी के चैंबर में ही मौजूद था। नकाबपोश तीन बदमाश हथियार के साथ चैंबर में घुस गए। घुसते ही उन्होंने नगर परिषद के सभापति राजकुमार गुड्डू को गोली मार दी। गोली मारने के दौरान एक अपराधी कह रहा था कि नगर परिषद में उसके अलावा किसी और का नहीं चलने वाला है। उनपर गोली चलते ही हमलोग चैंबर से जान बचाकर बाहर भागे। अपराधियों ने कार्यपालक पदाधिकारी की गोली मारकर हत्या कर दी।
फाइलों पर हस्ताक्षर करा रहा था, तभी झोले से हथियार निकाल शुरू कर दी फायरिंग
संजय चौधरी के अलावा सुल्तानगंज नगर परिषद के कार्यपालक सहायक कुंदन कुमार शाम के करीब चार बजे थे। मैं कुछ विकास योजनाओं की फाइलों पर हस्ताक्षर कराने के लिए सभापति के कक्ष में पहुंचा था। मैं सभापति और कार्यपालक पदाधिकारी के सामने वाली मेज की दूसरी तरफ बैठा था। कमरे में कार्यालय कर्मी शीला कुमारी भी कुछ कागजात लेकर खड़ी थीं। वहीं, पार्षद संजय कुमार चौधरी और नवीन कुमार बन्नी पहले से बैठकर सभापति और कार्यपालक पदाधिकारी से किसी विषय पर चर्चा कर रहे थे।
अचानक कुछ लोग बिना किसी आहट या अनुमति के सभापति कक्ष के भीतर दाखिल हुए। उन लोगों ने आते ही अपने पास रखे झोले से हथियार निकाले और देखते ही देखते ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई फायरिंग से मेरा दिमाग सुन्न हो गया। हमलावरों के निशाने पर सीधे तौर पर सभापति ही थे। मैं चैंबर से बाहर भागा, तब तक अपराधी करीब पांच-छह राउंड फायरिंग कर दी। मेरे साथ शीला और दोनों पार्षद भी जान बचाकर बाहर भागे।




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