गुड न्यूजः महाराष्ट्रा, यूपी, कर्नाटक मॉडल पर बिहार में बनेंगे शुगर कंप्लेक्स; 25 नई मिलों को कैबिनेट से मंजूरी
गन्ना उद्योग विभाग ने पहल शुरू कर दी है। शीघ्र ही बिहार की टीम अन्य राज्यों के दौरे पर निकलेगी। इसके तहत महाराष्ट्र, कर्नाटक और यूपी मॉडल का अध्ययन किया जाएगा। राज्य सरकार इन राज्यों में अपने विशेषज्ञों को भेजेगी।

Sugar Complex in Bihar: बिहार सरकार ने चीनी मिल खोलने के लिए नई कार्ययोजना पर काम कर रही है। जहां चीनी मिलों को शुगर कॉम्प्लेक्स के रूप में विकसित करने की योजना है, वहीं नए चीनी मिलों के लिए सरकार देश के बेहतर मॉडलों का अध्ययन करने जा रही है। इससे बड़ी संख्या में बेरोजगारों को काम मिलेगा और राज्य में राजस्व का भी लाभ होगा।
इसके लिए गन्ना उद्योग विभाग ने पहल शुरू कर दी है। शीघ्र ही बिहार की टीम अन्य राज्यों के दौरे पर निकलेगी। इसके तहत महाराष्ट्र, कर्नाटक और यूपी मॉडल का अध्ययन किया जाएगा। राज्य सरकार इन राज्यों में अपने विशेषज्ञों को भेजेगी। अधिकारी उन राज्यों में चीनी मिलों की स्थापना और उनके संचालन का अध्ययन करेंगे। इसके बाद विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपेंगे। इसी आधार पर सरकार आगे की कार्ययोजना बनाएगी।
नई चीनी मिलों की स्थापना और बंद पड़ी मिलों को फिर से चालू करने में इस रिपोर्ट की मदद ली जाएगी। दरअसल, इस समय देश में महाराष्ट्र, कर्नाटक और यूपी में चीनी उद्योग काफी सशक्त है। वहां चीनी मिलों का संचालन न केवल बेहतर ढंग से हो रहा है, बल्कि नए मिलों की स्थापना में भी कोई व्यावहारिक समस्या नहीं आ रही है। लिहाजा, बिहार ने भी इन्हीं राज्यों के अध्ययन का फैसला किया है।
34 चीनी मिलों को खेलने का प्रस्ताव
राज्य सरकार ने 25 नई चीनी मिलों के साथ सरकारी प्रक्षेत्र की बंद पड़ी नौ चीनी मिलों को खोलने का निर्णय लिया है। इस प्रस्ताव को कैबिनेट की भी मंजूरी मिल चुकी है। गन्ना उद्योग विभाग ने इस प्रस्ताव को लेकर जमीनी कसरत शुरू कर दी है। जहां पुरानी चीनी मिलों के लिए विशेषज्ञों की सेवा ली जा रही है, वहीं नई मिलों को लेकर सरकार ने सभी जिलों में जमीन की तलाश शुरू कर दी गई है।
उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया गया है
इन सभी व्यवस्था की निगरानी खुद मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में उच्चस्तरीय कमेटी गठित की गई है। पिछले दिनों विभाग के अपर मुख्य सचिव के.सेंथिल कुमार ने भी पूरी योजना की समीक्षी की थी। उन्होंने सभी डीएम को पत्र लिखकर जमीन की जानकारी मांगी है।
चीनी मिलों की स्थापना के पीछे चीनी के मामले में खरीद पर निर्भरता कम करने के साथ साथ राज्य में रोजगार के नए अवसरों का सृजन भी है। चीनी मिल से एक ओर जहां किसानों को अपनी फसल को बाजार मिलता है तो बड़ी संख्या में लोगों को काम भी मिलता है। चुनावी घोषणा पत्र में एनडीए ने हर जिले में एक इंडस्ट्री लगाने का वादा बी किया था।




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