पत्नी ने छोड़ा, पिता ने किया सुसाइड; लड़की के चक्कर में बेच दी जमीन, फीस के लिए किडनी बेचने वाले आयुष की कहानी
आयुष के पड़ोसी रमेश चौधरी कहते हैं कि प्यार के चक्कर में वह भटक गया। हर माह वह गांव आता था। गलत संगत की वजह से उसकी प्रेमिका उसे छोड़ गयी। रमेश चौधरी कहते हैं कि आयुष की गलत संगत और नशे की लत से परेशान होकर साल 2017 में उसके पिता राजेश चौधरी ने खुदकुशी कर ली।

आर्थिक तंगी और कॉलेज की फीस चुकाने के लिए अपनी किडनी का सौदा करने वाले आयुष का अतीत कुछ और है। आयुष चौधरी बेगूसराय जिले के भगवानपुर थाना क्षेत्र के औगान गांव का रहने वाला है। उसकी हरकतों की वजह से उसकी पत्नी उसे छोड़ चुकी है। पिता ने नौ साल पहले खुदकुशी कर ली। परिवार ने भी एक तरह से उससे संबंध विच्छेद कर लिया है। बेगूसराय जिले में इन दिनों आयुष के किडनी निकालने की कहानी सोशल मीडिया पर वायरल है।
औगान गांव के लोगों का कहना है कि शुरू में आयुष पढ़ने में तेज था और वर्ष 2015 में उसने प्रथम श्रेणी से इंटर पास किया था। पिता राजेश चौधरी का सपना था कि उनका बेटा डॉक्टर बने। उसके बाद आयुष का नामांकन विशाखापट्टनम के एक इंस्टीट्यूट में करवाया गया। पिता को पूरी उम्मीद थी कि बेटा नीट पास कर लेगा। पर ऐसा नहीं हुआ। वहां उसे जिले के मटिहानी क्षेत्र की रहने वाली एक लड़की से प्यार हो गया।
आयुष के पड़ोसी रमेश चौधरी कहते हैं कि प्यार के चक्कर में वह भटक गया। हर माह वह गांव आता था। गलत संगत की वजह से उसकी प्रेमिका उसे छोड़ गयी। रमेश चौधरी कहते हैं कि आयुष की गलत संगत और नशे की लत से परेशान होकर साल 2017 में उसके पिता राजेश चौधरी ने खुदकुशी कर ली। आयुष की मां रीता देवी उसे समझाती थी, लेकिन वह अपनी मां की बातों को नजरअंदाज कर देता था। पिता की मौत के दो-तीन महीने बाद उसने जमीन बेचनी शुरू कर दी। उसने गांव की करीब 18 बीघा जमीन बेच दी।
उसके चचेरे चाचा के अनुसार, पिता की मौत के कुछ दिनों बाद आयुष को सोशल मीडिया के जरिए यूपी की रहने वाली एक एयर होस्टेस से प्यार हुआ था। उसके पीछे भी उसने काफी खर्च किया। आयुष ने एयर होस्टेस से देवघर में शादी की थी। शादी के तीन महीने तक गांव में रहा। इस दौरान आयुष ने फिर से जमीन बेचनी शुरू की। उसकी इस हरकतों से परेशान होकर पत्नी ने घर छोड़ दिया और कुछ दिनों बाद आयुष से संबंध भी तोड़ लिया।
गांव के लोगों के मुताबिक, आयुष वर्ष 2021 में वापस गांव आया लेकिन उसके छोटे भाई ऋषभ ने उसे अपने साथ घर में रखने से मना कर दिया। उसके बाद घर से निकला तो फिर कभी वह बेगूसराय नहीं आया। मां रीता देवी अकेली रहती हैं। लेकिन, पिछले 15-20 दिनों से घर में नहीं हैं। घर में ताला लगा हुआ है।
नौ लाख में बेचने को तैयार हुआ था किडनी
कानपुर में 30 मार्च को किडनी की खरीद-फरोख्त का मामला उजागर हुआ था। देहरादून के एक मैनेजमेंट कॉलेज से एमबीए की पढ़ाई कर रहा आयुष नौ लाख रुपये में अपनी किडनी बेचने को तैयार हुआ था। उसने पुलिस को बताया कि ऑपरेशन होने के बाद खाते में 3.50 लाख रुपये ही दिए।
साइबर फ्रॉड की जानकारी नहीं : पुलिस
भगवानपुर थानाध्यक्ष नीरज कुमार ठाकुर ने बताया सोशल मीडिया के जरिए किडनी बेचने की जानकारी मिली है, लेकिन साइबर फ्रॉड का कोई भी मामला उनकी जानकारी में नहीं है। न ही किसी थाना की पुलिस के द्वारा सूचना दी गयी है। न ही पुलिस कभी उसके घर पर जांच करने के लिए गई है।




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