मलिन बस्तियों और टोलो में भीषण गर्मी में पेयजल की समस्या
गर्मी बढ़ने के साथ गुठनी और आसपास के क्षेत्रों में जल संकट गहरा गया है। जलस्तर में कमी के कारण नलों में पानी आना बंद हो गया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भूजल स्तर 80 से 100 फुट तक गिर चुका है। ग्रामीण जल नल योजनाएं बंद हो गई हैं और लोग पानी की समस्या से जूझ रहे हैं।

गुठनी, एक संवाददाता। गर्मी के तेवर तीखे होने के साथ ही जल समस्या इन दिनों विकराल रूप धारण करने लगी है। अगर इसी तरह गर्मी बढ़ती रही तो आम जनजीवन को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। गर्मी के कारण जलस्तर घटता जा रहा है। जिसमें गुठनी,दरौली और आंदर प्रखण्ड के ऐसे दर्जनों गांव हैं। जहां जल स्तर में गिरावट के कारण नलो में पानी आना बंद हो जाता है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार इन प्रखण्ड मुख्यालय का भू जलस्तर 80 से 100 फुट है। लेकिन डेढ़ सौ फुट खनन वाले हैंडपंप भी हवा उगल रहे हैं।
विदित हो कि गर्मी के मौसम आते ही इस गांव में प्रतिवर्ष पानी की समस्या गहराने लगती हैं। मिली जानकारी के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतर जल नल योजना पूरी तरह बंद हो गई है। वही कई जगहों पर पानी को लेकर लोग परेशान हैं। भीषण गर्मी के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतर लोग बगीचों में शरण लिए हैं। बिजली कटौती से जनजीवन पूरी तरह बेहाल है।
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