समृद्धि की शर्मनाक तस्वीर; CM नीतीश के निकलते ही आलू-प्याज की लूट, अफसर भी पीछे नहीं
सीएम के निकलते ही भीड़ अचानक कृषि स्टॉल की ओर दौड़ पड़ी। कुछ ही मिनटों में स्थिति बेकाबू हो गई और लोग सब्जियां उठाकर ले जाने लगे। आलू, प्याज और अन्य सब्जियां तेजी से गायब होने लगीं।

Samriddhi Yatra Aloo- Pyaj Loot: बिहार के मुंगेर जिले में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के बाद एक अजीबोगरीब घटना हुई। एक बड़े सरकारी कार्यक्रम के खत्म होते ही वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए कृषि स्टॉल और सब्जियों की रंगोली से से लोगों ने सब्जियां उठाना शुरू कर दिया। हैरानी की बात यह रही कि इस दौरान एक अधिकारी भी सब्जियां लेते हुए कैमरे में कैद हो गया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
गुरुवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मुंगेर पहुंचे थे। इस दौरान हवाई अड्डा में विभिन्न विभागों की ओर से लगाए गए स्टॉल में कृषि विभाग की ओर से लगाए गए स्टॉल आकर्षण का केंद्र बनी रही। यहां आलू, प्याज, बैंगन, गाजर सहित कई सब्जियों को प्रदर्शित किया गया था। इन स्टॉल का उद्देश्य किसानों और आम लोगों को आधुनिक खेती और उत्पादन के बारे में जानकारी देना था। कार्यक्रम के दौरान लोग इन स्टॉल को देख रहे थे और जानकारी ले रहे थे। मुख्यमंत्री का संबोधन जैसे ही समाप्त हुआ और वे कार्यक्रम स्थल से रवाना हुए, माहौल अचानक बदल गया।
प्रशासनिक अमला भी स्थिति को संभाल नहीं पाया
वहां मौजूद भीड़ अचानक कृषि स्टॉल की ओर दौड़ पड़ी। कुछ ही मिनटों में स्थिति बेकाबू हो गई और लोग सब्जियां उठाकर ले जाने लगे। आलू, प्याज और अन्य सब्जियां तेजी से गायब होने लगीं। वहां मौजूद प्रशासनिक अमला भी स्थिति को संभाल नहीं पाया। देखते ही देखते पूरा स्टॉल खाली हो गया और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब सरकारी कार्यक्रम में ही ऐसी स्थिति बन जाए, तो आम दिनों में व्यवस्था का क्या हाल होगा। कुछ लोग इसे मजाक के रूप में ले रहे हैं, लेकिन कई लोग इसे गंभीर प्रशासनिक चूक मान रहे हैं। हालांकि दिनभर चर्चा होती रही।
आम लोगों की तरह अफसर भी सब्जियां दिखे उठाते
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि मौके पर ड्यूटी कर रहा एक अधिकारी भी सब्जियां उठाते हुए कैमरे में कैद हो गया। कई लोग इसे प्रशासनिक लापरवाही बता रहे हैं, तो कुछ इसे व्यवस्था की विफलता मान रहे हैं। इस घटना के बाद जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। इतने बड़े कार्यक्रम के बाद सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने में हुई चूक को लेकर लोगों में नाराजगी है। हालांकि,अब तक इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। स्थानीय स्तर पर इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल गर्म है ।




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