महागठबंधन में जल्द हो सीट बंटवारा; CPI-CPM ने 35 सीटों की रखी डिमांड; तेजस्वी पर कही ये बात
महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर हो रही देरी पर सीपीआई और सीपीएम ने चिंता जाहिर की है। लेफ्ट के दोनों दलों की मांग है कि जल्द सीट शेयरिंग हो। CPI-CPM ने 35 सीटों की डिमांड भी रखी है। साथ तेजस्वी को महागठबंधन का मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करने की भी मांग की।

बिहार चुनाव को लेकर महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर हो रही देरी पर लेफ्ट के दो दलों सीपीआई और सीपीएम ने जल्द सीट शेयरिंग की मांग की है। साथ ही दोनों दलों ने सम्मानजनक सीट दिए जाने पर जोर दिया है। शुक्रवार को दोनों दलों के नेताओं ने जनशक्ति भवन में संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस की। इस दौरान चुनाव में सीपीआई ने 24 सीटें और सीपीएम ने 11 सीटों की मांग रखी है। दोनों दलों की 35 सीटों की डिमांड है। साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीपीएम के राज्य सचिव ललन चौधरी और सीपीआई के राज्य सचिव राम नरेश पांडे ने कहा कि महागठबंधन के बड़े दलों को त्याग की भावना दिखानी चाहिए। दोनों नेताओं ने चेताया कि अगर सीट बंटवारे में देरी हुई, तो चंदा जुटाकर चुनाव लड़ने वाली लेफ्ट पार्टियों को नुकसान होगा।
सीपीआई और सीपीएम ने महागठबंधन की कोऑर्डिनेशन कमेटी में अपनी मांग रख दी गई है और उन्हें सम्मानजनक सीट बंटवारे की उम्मीद है। CPI के राज्य सचिव रामनरेश पांडेय ने कहा कि 2020 के विधानसभा चुनावों से सबक लेना जरूरी है। उस समय वाम दलों को पर्याप्त सीटें नहीं मिली थीं, और समन्वय की कमी के चलते महागठबंधन सत्ता में आने से चूक गया था। उन्होंने साफ किया कि अगर महागठबंधन को एनडीए को हराना है, तो इस बार सीटों का बंटवारा 'बड़े दिल' से करना होगा।
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाकपा के राज्य सचिव ने महागठबंधन का मुख्यमंत्री पद का चेहरा तेजस्वी यादव को घोषित करने की भी मांग की। आपको बता दें 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में सीपीआई को 6 और सीपीएम को 4 सीटें मिली थीं। दोनों दल महागठबंधन का हिस्सा थे। इस बार भी इंडिया अलायंस के साथ चुनावी मैदान में है। ऐसे में देखना होगा कि महागठबंधन के दो बड़े सहयोगी दल आरजेडी और कांग्रेस की क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।




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