घर तो खाली करना होगा, कोई मां का लाल रोक नहीं सकता; राबड़ी देवी के बंगला विवाद पर बोले सीएम सम्राट चौधरी
राबड़ी देवी के आवास पर मचे घमासान पर सीएम सम्राट चौधरी ने मुजफ्फरपुर में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि हर हाल में घर खाली करना होगा। कोई मां का लाल इसे रोक नहीं सकता है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने यहां कहा कि यह राजतंत्र नहीं है और सभी के लिए नियम एक समान है।

बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के पटना में स्थित 10 सर्कुलर रोड आवास पर विवाद अभी थमा नहीं है। अब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी राबड़ी देवी का बिना नाम लिए इस मुद्दे पर अपनी बात रखी है। सीएम ने कहा कि कुछ लोगों को घर का मोह है। बेटा को अलग घर चाहिए और मां को अलग। इसी के साथ सीएम सम्राट चौधरी ने यह भी कहा कि जिस दिन उनकी पार्टी या उनके नेता उन्हें कह देंगे कि उनका काम खत्म हो गया वो झोला उठाकर 24 घंटे के अंदर सरकारी घर से हट जाएंगे। सीएम ने यह बातें पटना में एक कार्यक्रम के दौरान कही। इसी मुद्दे पर सीएम सम्राट चौधरी ने मुजफ्फरपुर के एक कार्यक्रम में और भी सख्त लहजे में अपनी बात रखी। सीएम ने कहा कि सरकारी बंगला तो खाली करना ही पड़ेगा। कोई मां का लाल रोक नहीं सकता है। हम सबसे पहले आपको बताते हैं कि सीएम ने मुजफ्फरपुर में क्या कुछ कहा है।
कोई मां का लाल रोक नहीं सकता- सीएम सम्राट चौधरी
राबड़ी देवी के आवास पर मचे घमासान पर सीएम सम्राट चौधरी ने मुजफ्फरपुर में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि हर हाल में घर खाली करना होगा। कोई मां का लाल इसे रोक नहीं सकता है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने यहां कहा कि यह राजतंत्र नहीं है और सभी के लिए नियम एक समान है। सरकारी आवास तो हर हाल में खाली करना ही पड़ेगा। सीएम ने यहां कहा कि हरा गमछा शांति का प्रतीक है। लेकिन जो गुंडागर्दी करेगा उसे बख्शा नहीं जाएगा।
सीएम ने कहा कि कुछ लोगों को लगता है कि मेरा घर खाली हो जाएगा। पक्का खाली नहीं करेंगे। कोई मां का लाल रोक नहीं सकता है। यह राजतंत्र नहीं लोकतंत्र है। जनताा सब जानती है। मां को अलग घर चाहिए बेटा को अलग घर चाहिए। मां को अलग सुरक्षा चाहिए, बेटा को अलग सुरक्षा चाहिए और पति को अलग सुरक्षा चाहिए। सरकारी घर नहीं छोड़ने वाले कान खोल कर सुन लें जनता मालिक है। जनता जिसको चाहेगी वही मुख्यमंत्री आवास में रहेगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि सरकारी घर किसी की बपौती संपत्ति नहीं है। इसे हर हाल में छोड़ना पड़ेगा। सीएम मोतीपुर प्रखंड के परसौनीनाथ पंचायत के गोसाईंपुर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित सहयोग शिविर का उद्घाटन कर रहे थे।
मुजफ्फरपुर से पहले सीएम सम्राट चौधरी ने पटना में भी इस मुद्दे पर काफी कुछ कहा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना में कहा, 'जिस दिन पार्टी और हमारे नेता कहेंगे कि आपका काम यहीं पर समाप्त होता है तो मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि सम्राट चौधरी अपना झोला उठाकर अपने प्राइवेट घर में चला जाएगा। कभी सरकारी घर में नहीं रहेगा। मैं आपको बता देता हूं , मेरे पिताजी को तो छोड़ दीजिए मैं 1999 में सरकार में मंत्री के तौर पर आया था। आज मैं जिस घर में हूं वो मेरा ग्यारहवां घर है। मैं मात्र तीन घर में मैं स्वयं रहा और अन्य सभी घरों में मैंने कार्यालय चलाने का काम किया है।
कुछ लोगों को मोह है। बेटा को अलग घर चाहिए, माताजी को अलग घर चाहिए और जनता को छोड़ दो। हमलोग जनता के काम के लिए आए हैं। अपने घर की चिंता छोड़ दीजिए। जिस दिन पार्टी और हमारे नेता कहेंगे कि आप काम खत्म हुआ तो मैं झोला उठाकर 24 घंटे में चला जाऊंगा। हम जन कल्याण के लिए आए हैं। जनता की भलाई के लिए आए हैं। हम अपने कल्याण के लिए नहीं आए हैं। जनता की भलाई की चिंता कीजिए। यह लोकतंत्र है। नरेंद्र मोदी की सरकार हो, नीतीश कुमार ने जिस तरह से सुशासन दिया। यह सम्राट चौधरी की सरकार है औऱ यह जनता की भलाई के लिए काम करता रहेगा।'
राजद ने उठाए थे सवाल
बता दें कि इससे पहले सोमवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने बिहार सरकार पर द्वेषपूर्ण राजनीति का आरोप लगाया था। प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल और राष्ट्रीय प्रधान महासचिव अब्दुल बारी सिद्दीकी ने एक प्रेसवार्ता कर आरोप लगाया था कि सरकार पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी का आवास दुर्भावना से खाली करा रही है। अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा था कि सरकार यदि द्वेषपूर्ण राजनीति करेगी तो राजद के सभी लोग आवंटित सरकारी आवास और सुरक्षा वापस कर देंगे। सरकार इन सभी आवासों और सुरक्षाकर्मियों का उपयोग खुद के लिए करे।
सिद्दीकी ने सवाल किया था कि सरकार ने भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जीतनराम मांझी को क्यों आवास आवंटित किया है। पांच सांसदों, सत्ताधारी दल के पूर्व मंत्री और विधायकों को केंद्रीय पुल का आवास क्यों दिया गया है। पूछा था कि जब पूर्व मुख्यमंत्री को आवास आवंटित है, तो फिर पूर्व सीएम लालू प्रसाद को क्यों नहीं? प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने कहा कि दिल्ली में आवास आवंटन का जो पैरामीटर है, उस पर बिहार में काम क्यों नहीं हो रहा है? आवास आवंटन पर हाईकोर्ट की गाइडलाइन का सरकार अनुपालन क्यों नहीं कर रही है? राबड़ी देवी के नाम से 10 सर्कुलर रोड आवास वर्ष 2006 से ही आवंटित है। यहां बता दें कि सम्राट चौधरी सरकार ने राबड़ी देवी को अपना आवास खाली करने के लिए 15 दिनों की मोहलत दी है। लेकिन पूर्व सीएम ने आवास खाली करने से साफ इनकार कर दिया है।
मंत्री लेशी सिंह ने क्या कहा...
सम्राट चौधरी सरकार की भवन निर्माण मंत्री लेशी सिंह ने कहा था कि सरकारी आवास किसी की जागीर नहीं हो सकता और उससे मोह-माया रखना कहीं से उचित नहीं है। सरकार निर्धारित प्रक्रिया के तहत नियमानुसार कार्रवाई कर रही है और आगे भी करती रहेगी। वे जदयू दफ्तर में जनसुनवाई कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात कर रही थीं। मंत्री ने कहा था कि राबड़ी देवी वरिष्ठ नेत्री हैं, इसलिए उन्हें भी नियमों का सम्मान करते हुए उनका पालन करना चाहिए। सरकार नियमों से चलती है और नियमानुसार ही कार्रवाई होगी। उन्हें सरकारी आवास खाली करना ही होगा। इस मामले में कानून अपना काम करेगा। लेशी सिंह ने कहा कि बिहार में पिछले 21 वर्षों से एनडीए की सरकार है, लेकिन कभी प्रतिशोध, ईर्ष्या या द्वेष की भावना से कोई कार्य नहीं किया है। भवन निर्माण विभाग द्वारा आवास संबंधी सभी कार्रवाई विधिसम्मत एवं नियमानुसार की गई है।
राजद के आरोपों पर उन्होंने कहा था कि नीतीश कुमार को सुरक्षा कारणों से आवास दिया गया है। उन्हें जेड प्लस सुरक्षा मिली हुई है। ऐसे में उनकी सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं किया जा सकता। इसी तरह पांच देशरत्न मार्ग को अस्थायी रूप से एक अणे मार्ग परिसर में विलय किया गया है, क्योंकि जब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी उपमुख्यमंत्री थे तो अपने निजी आवास में रहते थे। 5 देशरत्न मार्ग का उपयोग वे विकसित भारत, समृद्ध बिहार एवं सुशासन के संकल्प को पूरा करने के लिए करते थे। कहा कि सांसद उपेंद्र कुशवाहा एवं सांसद देवेश चंद्र ठाकुर क्रमशः 24 एम, स्ट्रैंड रोड आवास तथा ट्रेलर रोड आवास संख्या-1 में नियमानुसार आवंटित होने के बाद रह रहे हैं। वे नियमित किराये का भुगतान कर रहे हैं। विस अध्यक्ष प्रेम कुमार ने 2, देशरत्न मार्ग के स्थान पर 3, सर्कुलर रोड स्थित आवास में रहने की इच्छा व्यक्त की थी। इसके अनुरूप उन्हें वह आवास उपलब्ध कराया गया है।




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