Samrat Choudhary Cabinet 9 Ministers from 36 percent EBC Population How many Dalits Upper Castes सम्राट का अति पिछड़ा दांव; 36 फीसदी EBC से 9 मंत्री; दलित और सवर्णों की कितनी हिस्सेदारी?, Bihar Hindi News - Hindustan
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सम्राट का अति पिछड़ा दांव; 36 फीसदी EBC से 9 मंत्री; दलित और सवर्णों की कितनी हिस्सेदारी?

सम्राट चौधरी कैबिनेट विस्तार में एनडीए ने अति पिछड़ा दांव खेलते हुए 36 फीसदी ईबीसी आबादी से 9 मंत्री बनाए हैं। बिहार सरकार में सवर्ण और दलित वर्ग से भी कई मंत्री बने हैं। 

Thu, 7 May 2026 06:46 PMJayesh Jetawat लाइव हिन्दुस्तान, पटना
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सम्राट का अति पिछड़ा दांव; 36 फीसदी EBC से 9 मंत्री; दलित और सवर्णों की कितनी हिस्सेदारी?

बिहार के सम्राट कैबिनेट विस्तार में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल यूनाइटेड ने (JDU) अति पिछड़ा दांव खेला है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल में 9 मंत्री अति पिछड़ा यानी ईबीसी वर्ग से हैं। इस वर्ग की आबादी भी राज्य में सबसे ज्यादा 36 प्रतिशत है। भाजपा ने सर्वाधिक 5 मंत्री ईबीसी वर्ग से बनाए हैं। कैबिनेट विस्तार में सामाजिक समीकरण का विशेष ख्याल रखा गया है। दलित, सवर्ण और अन्य पिछड़ी जातियों को भी हिस्सेदारी दी गई है।

कैबिनेट विस्तार के बाद अब मंत्रिमंडल में कुल 35 सदस्य हो गए हैं। एक मुख्यमंत्री और दो डिप्टी सीएम के अलावा 32 मंत्रियों ने गुरुवार 7 मई को पटना के गांधी मैदान में शपथ ली। सम्राट कैबिनेट में अति पिछड़ा के बराबर ही सवर्णों की हिस्सेदारी है।

अति पिछड़ा वर्ग से कौन-कौन मंत्री

सम्राट कैबिनेट में ईबीसी वर्ग से 9 मंत्री बनाए गए हैं। इनमें 5 भाजपा और 4 जदयू से हैं। अति पिछड़ा वर्ग के मंत्रियों में दिलीप जायसवाल, केदार गुप्ता, रमा निषाद, प्रमोद चंद्रवंशी, अरुण शंकर प्रसाद, मदन सहनी, शीला मंडल, दामोदर रावत और बुलो मंडल शामिल हैं।

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सवर्ण वर्ग में राजपूतों का दबदबा

सम्राट कैबिनेट में सवर्ण वर्ग से जो 9 मंत्री बनाए गए हैं, उनमें सर्वाधिक 4 राजपूत हैं। इनके अलावा 3 भूमिहार और दो ब्राह्मणों को मंत्रिमंडल में जगह मिली है। राजपूत मंत्रियों में भाजपा से संजय टाइगर एवं श्रेयसी सिंह, जदयू से लेशी सिंह और लोजपा-आर से संजय सिंह शामिल हैं। वहीं, भूमिहार जाति से डिप्टी सीएम विजय चौधरी के अलावा विजय सिन्हा (पूर्व डिप्टी सीएम) और इंजीनियर कुमार शैलेंद्र को कैबिनेट में जगह मिली है। ब्राह्मण जाति से भाजपा ने नीतीश मिश्रा और मिथिलेश तिवारी को मंत्री बनाया है। 2023 की जाति गणना के आधार पर बिहार में सवर्णों की आबादी लगभग 15.52 प्रतिशत है।

दलित वर्ग से 7 मंत्री

अनुसूचित जनजाति यानी दलित वर्ग से 7 नेताओं को सम्राट कैबिनेट में जगह मिली है। भाजपा से लखेंद्र पासवान एवं नंदकिशोर राम, जदयू से अशोक चौधरी, सुनील कुमार एवं रत्नेश सदा, लोजपा-आर से संजय पासवान और हम से संतोष कुमार सुमन मंत्री बनाए गए हैं, जो दलित एवं महादलित हैं।

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ओबीसी में लव-कुश को तरजीह

सम्राट चौधरी सरकार के मंत्रिमंडल में अन्य पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी वर्ग से लवकुश समीकरण को तरजीह दी गई है। कुर्मी और कोइरी (कुशवाहा) जातियों से कुल 5 सदस्य कैबिनेट में हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी खुद कुशवाहा जाति से आते हैं, जबकि जदयू से भगवान सिंह कुशवाहा कोइरी चेहरा हैं। राष्ट्रीय लोक मोर्चा कोटे से मंत्री बने दीपक प्रकाश कुशवाहा भी कोइरी हैं।

वहीं, कुर्मी जाति से जदयू से दो नेताओं श्रवण कुमार एवं निशांत कुमार को मंत्री बनाया गया है। इसके अलावा, सम्राट कैबिनेट में दो यादव, दो वैश्य और एक मुस्लिम चेहरा भी है। महिला मंत्रियों की संख्या 5 है।

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