बिहार में फर्जी मैरिज ब्यूरो का भंडाफोड़, कॉल सेंटर का नजारा देख पुलिस दंग; 11 ठगों पर FIR
Bihar News: सहरसा पुलिस ने पॉलिटेक्निक ढाला के पास छापेमारी कर फर्जी मैरिज ब्यूरो गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी बनाकर शादी के नाम पर युवकों से पैसे ऐंठता था। पुलिस ने तीन युवतियों को हिरासत में लिया है और मुख्य सरगना समेत 11 लोगों पर एफआईआर दर्ज की है।

Bihar News: बिहार के सहरसा जिले में साइबर पुलिस ने एक ऐसे गिरोह को दबोचा है जो 'घर बसाने' का सपना दिखाकर लोगों की जेबें खाली कर रहा था। पुलिस ने सदर थाना क्षेत्र के पॉलिटेक्निक ढाला के पास चल रहे एक फर्जी मैरिज ब्यूरो के कार्यालय पर छापेमारी कर तीन युवतियों को हिरासत में लिया है। यह गिरोह 'मैरिज लाइन डॉट कॉम' के नाम से एक फर्जी कॉल सेंटर चला रहा था, जहाँ से सोशल मीडिया के जरिए कुंवारे लड़कों को जाल में फंसाया जाता था।
सोशल मीडिया पर बिछाया जाता था 'हनी ट्रैप'
साइबर डीएसपी अजीत कुमार ने बताया कि यह गिरोह फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर खूबसूरत लड़कियों की फर्जी आईडी बनाता था। गिरोह के सदस्य शादी के इच्छुक युवकों को सुंदर लड़कियों की तस्वीरें दिखाकर उन्हें अपने झांसे में लेते थे। जब कोई युवक इनके जाल में फंस जाता था, तो उससे लड़की से संपर्क कराने या 'रजिस्ट्रेशन' के नाम पर 1500 रुपये की शुरुआती वसूली की जाती थी। एक बार पैसा मिलने के बाद गिरोह अलग-अलग बहानों से और रकम ऐंठने की कोशिश करता था।
कॉल सेंटर की तर्ज पर अलग-अलग शिफ्ट में काम
जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह का मुख्य सरगना सुपौल निवासी रंजन कुमार है, जो सहरसा में किराए का मकान लेकर यह गोरखधंधा चला रहा था। रंजन ने कॉल सेंटर की तर्ज पर लड़कियों को नौकरी पर रखा था, जो अलग-अलग शिफ्ट में काम करती थीं। हिरासत में ली गई युवतियों में से दो सहरसा की और एक पूर्णिया जिले की रहने वाली है। पूछताछ में इन युवतियों ने बताया कि उन्हें 10 हजार रुपये प्रति माह के वेतन पर रखा गया था। वे अलग-अलग शिफ्ट में काम करते थे लेकिन इस ठगी के बारे में बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं थी।
11 लोगों पर नामजद FIR
पुलिस के अनुसार, रंजन कुमार उत्तर प्रदेश की एक सामूहिक विवाह संस्था के नाम का सहारा लेकर भी लोगों को ठगता था। सोमवार की देर रात साइबर डीएसपी के नेतृत्व में हुई इस छापेमारी के बाद पुलिस ने कुल 11 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाते हुए रिपोर्ट दर्ज कर ली है। हालांकि, मुख्य आरोपी रंजन कुमार अभी फरार बताया जा रहा है। बिहार पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है और इस गिरोह के बैंक खातों व कॉल रिकॉर्ड्स को खंगाला जा रहा है ताकि पता चल सके कि अब तक कितने लोग इस गिरोह के शिकार हुए हैं।




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