Bihar Weather Forecast: 18 अप्रैल से बिहार में खूब जलाएगी गर्मी, 42 डिग्री जाएगा तापमान; मानसून पर भी अपडेट जान लें
Bihar Weather Forecast: बिहार में लगातार पांचवें वर्ष जून से सितंबर के बीच मानसून की बारिश सामान्य से कम होगी। इससे पहले 2021 में मानसून की बारिश सामान्य से 5.27 प्रतिशत अधिक हुई थी। जबकि 2022 से 2025 के बीच सामान्य से 31 प्रतिशत तक कम बारिश हुई।

Bihar Weather Forecast: बिहार में 18 अप्रैल से लोगों को भीषण गर्मी का एहसास होगा। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के ज्यादातर शहरों में गर्म दिन होने की आशंका है। इस कारण लोगों को असहज करने वाली गर्मी का सामना करना होगा। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के ज्यादातर जिलों का तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। हालांकि उत्तर-पूर्व भाग के सात जिलों का तापमान 36 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का पूर्वानुमान है।
प्रदेश के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में लगातार क्रमिक बढ़ोतरी जारी रहेगी। मंगलवार को राज्य के ज्यादातर शहरों के अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी और न्यूनतम में गिरावट आई। प्रदेश का अधिकतम तापमान 30.5 से 39.9 और न्यूनतम तापमान 16.4 से 25.4 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। राज्य का सबसे अधिक तापमान 39.9 डिग्री सेल्सियस भभुआ में और सबसे कम 16.4 डिग्री सेल्सियस सीवान के जीरादेई में दर्ज किया गया। 43 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से छपरा में हवा चली।
मानसून में सामान्य से कम बारिश होगी
इधर बिहार में लगातार पांचवें वर्ष जून से सितंबर के बीच मानसून की बारिश सामान्य से कम होगी। इससे पहले 2021 में मानसून की बारिश सामान्य से 5.27 प्रतिशत अधिक हुई थी। जबकि 2022 से 2025 के बीच सामान्य से 31 प्रतिशत तक कम बारिश हुई। वहीं पटना मौसम विभाग ने मंगलवार को प्रारंभिक पूर्वानुमान रिपोर्ट जारी कर बताया है कि 2026 में भी राज्य में मानसून की बारिश सामान्य से कम होगी। मौसम विभाग के अनुसार मानसून ऋतु के दौरान एल-नीनो के विकसित होने की प्रबल संभावना है।
इसी कारण मानसून की बारिश सामान्य से कम होगी और एल-नीनो प्रभाव के कारण लोगों को भीषण गर्मी का एहसास होगा। पटना मौसम विज्ञान केन्द्र के वरीय वैज्ञानिक डॉ. आनंद शंकर ने मंगलवार को बिहार मानसून का दीर्घावधि पूर्वानुमान जारी किया। इसमें बताया कि पिछले तीन महीने के दौरान जनवरी से मार्च के बीच उत्तरी गोलार्ध में हिम आवरण सामान्य से थोड़ा कम रहा है। वहीं वर्तमान में हिंद महासागर में भारतीय महासागर द्विध्रुव तटस्थ स्थिति में है। जो मानसून के अंत की ओर सकारात्मक द्विध्रुव विकसित होने की संभावना है।




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