safety wall of Son Canal collapsed in water Many acres of crops destroyed in Rohtas farmers worried सोन नहर की सुरक्षा दीवार पानी में धराशायी; रोहतास में कई बीघा फसल नष्ट, किसान चिंतित, Bihar Hindi News - Hindustan
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सोन नहर की सुरक्षा दीवार पानी में धराशायी; रोहतास में कई बीघा फसल नष्ट, किसान चिंतित

बिहार सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट सोन नहर की सुरक्षा दीवार का एक हिस्सा पानी के दबाव में ढह गया। जिससे कई बीघा फसल बर्बाद हो गई है। जिसको लेकर किसानों में रोष है। जल संसाधन विभाग की घोर लापरवाही बता रहे हैं। आरोप है कि दीवार निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल हुआ है।

Fri, 18 July 2025 08:22 PMsandeep लाइव हिन्दुस्तान, डेहरी/रोहतास
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सोन नहर की सुरक्षा दीवार पानी में धराशायी; रोहतास में कई बीघा फसल नष्ट, किसान चिंतित

रोहतास जिले के डेहरी में इंद्रपुरी जल संसाधन विभाग अंतर्गत नवनिर्मित पश्चिमी सोन संयोजक नहर की दीवार टूटने से विभाग में हड़कंप मच गया। नावाडीह के पास सुरक्षा दीवार के धराशायी होने के मामले ने विभागीय निर्माण कार्य की पोल खोल कर रख दी है। वहीं कई बीघे में लगी धान की फसलें नष्ट हो गई है। बताया जा रहा है कि पचवन क्षेत्र में बीते दिनों हुई बारिश से कई किसानों की धान की फसलें जलमग्न होकर बर्बाद हो गई थी। किसान इस बात से चिंतित थे कि आखिर खेत पानी में क्यों डूब गए। वहीं गांव के किसान जब नहर के समीप पहुंचे, तो देखा कि पहाड़ से आ रहे पानी के ज्यादा दबाव से पश्चिमी सोन संयोजक नहर का नवनिर्मित ईंट और ढलाई दीवार टूट कर गई है।

आपको बताते दें बिहार सरकार की अति महत्वाकांक्षी योजनाओं में सोन नहर आधुनिकीकरण योजना एक थी। जिसे किसानों के टेल एंड तक सोन के पानी को इंद्रपुरी बराज से नहर विस्तारित कर सिंचाई के लिए पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित था। अरबों रुपए से इस बड़ी योजना को शुरू किया गया था। लेकिन चंद वर्षों बाद ही इस नई संयोजक नहर की ईंट और ढलाई से निर्मित दीवार ढह गई। जो जल संसाधन विभाग के भ्रष्टाचार की पोल खोल रही है।

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किसान नेता सह पचवन विकास मोर्चा के संयोजक तथा आदर्श पैक्स हुरका अध्यक्ष चुनचुन सिंह ने कहा कि स्थानीय लोग इस निर्माण को अपने आंखों से रोजाना देखे हैं, कि नहर के पक्कीकरण में सबसे निचले स्तर की सामग्री का प्रयोग निर्माण एजेंसी द्वारा किया गया है। इस बारे में विभाग को कई बार सूचना दी गई। बताया गया कि एजेंसी बाहर से बालू न लाकर इसी नहर के धूस वाले बालू का उपयोग कर रही है। वहीं ईंट की गुणवत्ता टूटे हुई दीवार खुद बता रही है। इस काम में जमकर लूटपाट की गई है। अब लोगों को पता चला कि हमारी शिकायत जायज थी, जिसे अधिकारियों ने अनसुनी कर दी थी।

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ग्रामीणों ने बताया कि विभाग की इस लापरवाही को बेकार नहीं जाने दिया जाएगा। क्षतिपूर्ति के लिए जल्द विभाग को पत्र लिखेंगे। सरकार के आलाधिकारियों को मांग पत्र सौंपेगे। हर हाल में जल संसाधन विभाग को हजारों एकड़ में बर्बाद फसलों की क्षतिपूर्ति करनी होगी। अन्यथा प्रभावित किसान आंदोलन करने के बारे में जल्द विचार कर सकते हैं।

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