गंगा में कटाव से 50 बीघा जमीन जलमग्न; बेगूसराय के बोल्डर घाट रिंग बांध पर खतरा, बेसुध प्रशासन
ग्रामीणों ने बताया कि कटावस्थल पर केवल बालू की बोरी रखी जा रही है लेकिन कटाव से बचाव के लिए यह काफी नहीं है। अयोध्या घाट की ओर से पानी की तेज धार मधुरापुर स्थित बोल्डर घाट रिंग बांध से टकराती है। इससे रिंग बांध के अस्तित्व पर खतरा उत्पन्न हो गया है।

बेगूसराय के तेघड़ा में गंगा का जलस्तर बढ़ने एवं पिछले कई दिनों से कटाव होने से मधुरापुर बोल्डर घाट रिंग बांध पर खतरा उत्पन्न हो गया है। अयोध्या से मधुरापुर तक लगभग तीन किलोमीटर गंगा घाट में तेजी से कटाव हो रहा है। इससे लगभग 50 बीघा जमीन गंगा में विलीन हो चुकी है लेकिन अब तक बचाव को लेकर कोई काम प्रारंभ नहीं किए जाने से स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश है।
ग्रामीणों ने अधिकारियों पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले 15 दिनों से कटाव जारी है। कई बार स्थानीय अधिकारियों को इस संबंध में जानकारी दी गई। बाढ़ आपदा के अधिकारियों को भी जानकारी दी गई लेकिन अब तक किसी प्रकार का बचाव कार्य प्रारंभ नहीं हो सका है। पूर्व वार्ड पार्षद भूषण सिंह ने कहा कि पिछले कई दिनों से हो रहे कटाव से लगभग 35 वर्षों पूर्व बने बोल्डर घाट रिंग बांध पर खतरा मंडराने लगा है।
पूर्व वार्ड पार्षद ने बताया कि बोल्डर घाट के बनाए जाने से मधुरापुर दक्षिण टोला और बिचला टोला को कटाव मुक्त कर दिया गया था। लेकिन, इतने वर्षों के बाद पुन: दोनों टोलों पर कटाव का खतरा उत्पन्न हो गया है। कटाव स्थल का निरीक्षण करने पहुंचे विधायक रामरतन सिंह ने कहा कि कटाव को लेकर पिछले एक सप्ताह से विभिन्न अधिकारियों और बाढ़ नियंत्रण अधिकारियों से बातचीत की जा रही थी। शनिवार को अधिकारियों की टीम ने पहुंचकर कटाव का जायजा लिया। इसे रोकने के उपाय पर मंथन किया जा रहा है।
इधर, ग्रामीणों ने बताया कि कटावस्थल पर केवल बालू की बोरी रखी जा रही है लेकिन कटाव से बचाव के लिए यह काफी नहीं है। अयोध्या घाट की ओर से पानी की तेज धार मधुरापुर स्थित बोल्डर घाट रिंग बांध से टकराती है। इससे रिंग बांध के अस्तित्व पर खतरा उत्पन्न हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि रिंग बांध पर केवल बोल्डर डालकर बनाया गया था लेकिन यहां अब केवल बालू भरी बोरियों को डाला जा रहा है। इससे कटाव को रोकना संभव नहीं है। आपको बता दें 1995-96 के आसपास गंगा नदी का कटाव इसी तरह तेज रहने के कारण बोल्डर घाट रिंग बांध का निर्माण प्रारंभ हुआ था।
तत्कालीन सांसद सुर्यनारायण सिंह की पहल के बाद शुरु हुआ रिंग बांध के बनने के बाद गंगा की धारा मुड़ गई थी। तब जाकर मधुरापुर दक्षिण टोला व बिचला टोला के लोगों की जान बच पाई। पुराने लोगों का कहना है कि गंगा नदी के तेज बहाव के कारण गुप्ता बांध पर खतरा बढ गया था। लेकिन सांसद दिवंगत सुर्यनारायण सिंह की पहल पर जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग द्वारा रिंग बांध बनाकर गुप्ता बांध को सुरक्षित किया गया।
लगभग डेढ किलोमीटर के रिंग बांध बनाने में पांच वर्षों से अधिक समय लगा था। लेकिन रिंग बांध पर गंगा का दबाव बढने से लोगों के मन में भय समाया है। हालांकि अधिकारियों के आश्वासव के बाद लोगों को उम्मीद जगी है।




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