24 घंटे के अंदर पोस्टर से गायब हो गए चाचा; सम्राट के शपथ लेते ही रोहिणी आचार्या ने मोर्चा खोला
रोहिणी आचार्या ने नीतीश कुमार के इस्तीफे और नई सरकार के पोस्टरों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि 24 घंटे के अंदर नीतीश कुमार को पोस्टरों से गायब कर दिया गया है। रोहिणी ने इसे 'घोर बेइज्जती' बताते हुए कहा कि 'चाचा जी' अब ऐसी दुविधा में फंस गए हैं जहाँ उन्हें न माया मिल रही है न राम।

Bihar New Government: बिहार की सत्ता बदलते ही बयानों के तीर चलने शुरू हो गए हैं। नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के बीच राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा पर जोरदार तंज कसा है। रोहिणी ने एक सरकारी विज्ञापन का पोस्टर साझा करते हुए इसे 'घोर बेइज्जती' करार दिया है। उन्होंने दावा किया कि नई व्यवस्था में नीतीश कुमार को हाशिए पर धकेलने की शुरुआत हो चुकी है।
"24 घंटे में पोस्टर-विज्ञापनों से गायब हुए चाचा जी"
रोहिणी आचार्य ने अपने पोस्ट में लिखा कि अभी इस्तीफा दिए 24 घंटे भी नहीं हुए और नीतीश कुमार को पोस्टर और विज्ञापनों से गायब कर दिया गया है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि इस्तीफे से पहले तक नीतीश कुमार के 'बिदकने' का डर था, इसलिए उन्हें यह कहकर 'ताड़' पर चढ़ाया जा रहा था कि बिहार उनकी ही छत्रछाया में चलेगा। लेकिन जैसे ही उन्होंने इस्तीफा दिया, 'गिरगिट की तरह रंग बदलने वाली जमात' को अब उनकी तस्वीर से भी परहेज होने लगा है।
'Catch 22' सिचुएशन से की तुलना
रोहिणी ने नीतीश कुमार की वर्तमान स्थिति की तुलना ‘कैच-22’ सिचुएशन से की, जिसका अर्थ है एक ऐसी कठिन परिस्थिति जिससे बाहर निकलना लगभग नामुमकिन हो। उन्होंने एक पुरानी कहावत का जिक्र करते हुए लिखा, "दुविधा में दोनों गए, माया मिली न राम"। रोहिणी का तंज साफ था कि नीतीश कुमार ने भरोसे के साथ सत्ता सौंप दी है लेकिन अब उन्हें न तो वह पुराना सम्मान मिलेगा और न ही सत्ता में वैसी पकड़ जैसी पहले हुआ करती थी।
बीजीपी को सीएम बनाने के लिए घुमंतू ही मिला
इससे पहले भी रोहिणी आचार्या ने नई सरकार के गठन होने पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने अपने पिछले ट्वीट में भाजपा पर तंज कसते हुए कहा था कि बीजेपी को अपना मुख्यमंत्री बनाने के लिए एक ‘घुमंतू’ ही मिला है। उनके इस बयान का सीधा इशारा सम्राट चौधरी की ओर था। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर लिखा कि “अपनी स्थापना के 46 साल बाद भी बिहार में बीजेपी नेतृत्व की इतनी गंभीर कमी और सूखे से जूझ रही है कि न तो वह अपने दम पर सरकार बना पाई है, न ही किसी विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री पद के लिए किसी चेहरे की घोषणा कर पाई है, और न ही व्यापक जनमानस और मान्यता प्राप्त नेता को तैयार कर पाई।” उनके इस ट्वीट के बाद सियासत का बाजार गर्म है।




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