बिहार में गाड़ियों की बिक्री का बना रिकॉर्ड, 15 लाख से ज्यादा बिक गए; बाइक का क्रेज बढ़ा
अब पटना में ही मर्सीडीज जैसी गाड़ियों के शो-रूम खुल गए हैं। केवल पटना में ही चार पहिया वाहन के 59 शोरूम हैं। पटना में 25 लाख से एक करोड़ के बीच के लगभग सवा आठ सौ से अधिक लग्जरी कारों की बिक्री हुई।

Bihar News: बिहार में गाड़ियों की रिकॉर्ड बिक्री हुई है। अब तक के तमाम वित्तीय वर्ष की तुलना में 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 में बिहार ने गाड़ियों की बिक्री में इतिहास कायम किया है। पहली बार 15 लाख से अधिक गाड़ियां बिहार में बिकी हैं। इनमें पौने 13 लाख दोपहिया हैं। गाड़ियों की बिक्री से परिवहन विभाग को 34 अरब से अधिक की आमदनी हुई। गाड़ियों की बिक्री का नया रिकॉर्ड बता रहा है कि बिहार में लोगों का वाहनों के प्रति क्रेज बढ़ता जा रहा है। गाड़ियों की सबसे अधिक बिक्री अक्तूबर 2025 में हुई। उस महीने में दो लाख 37 हजार से अधिक गाड़ियों की बिक्री हुई।
इसके बाद नवम्बर में दो लाख 27 हजार से अधिक गाड़ियां बिकीं। महीनावार देखें तो अप्रैल 2025 में एक लाख 34 हजार, मई में एक लाख 51 हजार, जून में एक लाख 18 हजार, जुलाई में 95 हजार, अगस्त में 80 हजार, सितम्बर में 57 हजार, अक्तूबर में दो लाख 37 हजार, नवम्बर में दो लाख 27 हजार, दिसम्बर में 93 हजार, जनवरी 2026 में एक लाख 19 हजार, फरवरी में एक लाख 29 हजार और वित्तीय वर्ष के अंतिम महीने मार्च में एक लाख 32 हजार से अधिक गाड़ियों की बिक्री हुई।
महंगी गाड़ियों का बढ़ रहा है क्रेज: गाड़ियों के बढ़ते क्रेज का ही परिणाम है कि पटना सहित राज्य के अन्य जिलों की सड़कों पर मर्सीडिज, जगुआर, पोर्श, ऑडी, रेंजरोवर, डिफेंडर, फॉच्यूर्नर, इनोवा क्रिस्टा जैसी महंगी गाड़ियां आसानी से दिख जाती हैं। इसका एक कारण यह भी है कि पहले बिहार के लोगों को महंगी गाड़ियों की खरीदारी के लिए रांची, कोलकाता या वाराणसी जाना पड़ता था।
अब पटना में ही मर्सीडीज जैसी गाड़ियों के शो-रूम खुल गए हैं। केवल पटना में ही चार पहिया वाहन के 59 शोरूम हैं। पटना में 25 लाख से एक करोड़ के बीच के लगभग सवा आठ सौ से अधिक लग्जरी कारों की बिक्री हुई। सबसे अधिक गाड़ियों की बिक्री पटना में हुई है। इसके बाद मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, गया और मोतिहारी के लोगों ने गाड़ियों की खरीदारी की।
पेट्रोल से चलने वाली गाड़ियों की मांग सबसे अधिक
वाहन की खरीदारी करने वालों के बीच सबसे अधिक पेट्रोल से चलने वाली गाड़ियां ही शीर्ष पर हैं। कुल वाहनों में साढ़े सात लाख से अधिक गाड़ियां पेट्रोल से चलने वाली हैं। वहीं पांच लाख 37 हजार से अधिक गाड़ियां पेट्रोल और इथनॉल संयुक्त रूप से चलने वाली हैं। इलेक्ट्रिक गाड़ियों की संख्या सवा लाख, सीएनजी की लगभग 24 हजार गाड़ियों की बिक्री हुई। सबसे अधिक 12 लाख 75 हजार दो पहिया, एक लाख 17 हजार लाइट मोटर व्हिकल, एक लाख 22 हजार तीन पहिया तो 12 हजार से अधिक भारी वाहनों की बिक्री हुई।




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