छह अप्रैल से बिहार के सरकारी स्कूल 6.30 बजे से चलेंगे, छुट्टी कब होगी
Bihar News: मध्यान्तर में ही प्रारंभिक विद्यालयों में बच्चों को मध्याह्न भोजन परोसा जाएगा। उसके बाद 9.40 बजे से 10:20 बजे तक चौथी घंटी होगी। 10:20 से 11 बजे तक पांचवीं और 11 से 11:40 तक छठी घंटी होगी। 11:40 से 12:20 बजे तक सातवीं घंटी चलेगी।

Bihar News: बिहार के सभी 80 हजार सरकारी स्कूलों का समय छह अप्रैल से बदल जाएगी। स्कूल सुबह की पाली (मार्निंग शिफ्ट) में चलेंगे। स्कूल सुबह 6 बजकर 30 मिनट से शुरू होंगे। छुट्टी मध्याह्न 12:20 बजे होगी। शिक्षक मध्याह्न 12:30 में स्कूल छोड़ेंगे। तापमान में वृद्धि को देखते हुए शिक्षा विभाग ने यह निर्णय लिया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। इसके बाद कई जिलों ने सुबह की पाली में स्कूल करने संबंधित आदेश जारी भी कर दिया है।
स्कूलों को जारी निर्देश के अनुसार अप्रैल के पहले सोमवार से स्कूलों को सुबह की पाली में करने का प्रावधान है। इसके तहत सुबह 6:30 बजे स्कूल शुरू होंगे। सात बजे तक प्रार्थना होगी और चेतना सत्र चलेगा। सात से 7:40 बजे तक पहली घंटी होगी। 7:40 से 8:20 बजे तक दूसरी घंटी रहेगी। 8:20 से 9 बजे तक तीसरी घंटी होगी। 9 से 9:40 तक मध्यान्तर होगा।
मध्यान्तर में ही प्रारंभिक विद्यालयों में बच्चों को मध्याह्न भोजन परोसा जाएगा। उसके बाद 9.40 बजे से 10:20 बजे तक चौथी घंटी होगी। 10:20 से 11 बजे तक पांचवीं और 11 से 11:40 तक छठी घंटी होगी। 11:40 से 12:20 बजे तक सातवीं घंटी चलेगी।
सातवीं घंटी के बाद 12:20 बजे छुट्टी हो जायेगी। 12:20 से 12:30 बजे तक प्रधानाध्यापक के स्तर से शिक्षकों द्वारा पढ़ाये गये विषयों की समीक्षा होगी। अगले दिन के लिए कार्ययोजना बनेगी और छात्रों को दिये गये कार्य की समीक्षा और जांच होगी।
बिहार में नर्सिंग संस्थानों की मान्यता अब ऑनलाइन ही मिलेगी
में नर्सिंग संस्थानों को मान्यता देने की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया गया है। संस्थानों से आवेदन लेने से लेकर उन्हें मान्यता देने तक के कार्य अब ऑनलाइन होंगे। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को डिजिटल प्लेटफॉर्म की शुरुआत की है।ऊर्जा ऑडिटोरियम के सभागार में बुधवार को इसको लेकर कार्यशाला हुई। इस मौके पर सांकेतिक रूप से पांच नर्सिंग संस्थानों को नई व्यवस्था के तहत मान्यता भी दी गई। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने डिजिटल प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि नर्सिंग संस्थानों में गुणवत्ता बढ़ाने और उन्हें मान्यता देने में पारदर्शिता लाने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है।
मानक पर खरा नहीं उतरने वाले संस्थानों की मान्यता रद्द भी होगी। स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने कहा कि इस व्यवस्था से संस्थान की मान्यता लेने के लिए भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। मगर हर संस्थान को मानक के अनुसार गुणवत्ता का पालन करना अनिवार्य होगा। पुराने संस्थानों के कोर्स आदि में विस्तार भी अब इसी ऑनलाइन प्रक्रिया से होगा। राज्य में 125 निर्सिंग संस्थान हैं, जिनमें 7538 सीटें हैं। वहीं, 531 निजी संस्थानों में 33 हजार से अधिक सीटें हैं। इस मौके पर राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पांडेय के अलावा अनुपमा सिंह, अमिताभ सिंह, सुरेंद्र राय और रेखा झा मौजूद रहीं।




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