Bihar Iftar Time Today: पटना, भागलपुर, गया, किशनगंज, कटिहार समेत बड़े शहरों में आज इफ्तार का समय
भागलपुर जिले में सुन्नी लोगों के लिए इफ्तार का समय शाम 5.44 बजे है। वहीं शिया लोगों के लिए 5.57 बजे है। पूर्णिया जिले में इफ्तार का समय शाम 5.40 बजे है। गया जिले में इफ्तार का समय शाम 5.53 बजे है। गया जिले में इफ्तार का समय शाम 5.40 बजे है।

19 फरवरी में देश में माह-ए-रमजान की शुरुआत हो चुकी है और लोग नियमित तौर से रोजा रख रहे हैं। हर दिन की तरह इस दिन भी सुबह फज्र की अजान से पहले सहरी किया जाएगा और शाम में इफ्तार कर रोजा खोला जाएगा। रोजा मुकम्मल होने के लिए सही समय पर सहरी और इफ्तार करना जरूरी है। हम आपको बिहार के विभिन्न जिलों में इफ्तार का समय बताते हैं।
पटना जिले में सुन्नी लोगों के लिए इफ्तार का समय शाम 5.50 बजे है। वहीं शिया लोगों के लिए 6.01 बजे है। कटिहार जिले में इफ्तार का समय शाम 5.41 बजे है। मुजफ्फरपुर जिले में सुन्नी लोगों के लिए इफ्तार का समय शाम 5.53 बजे है। वहीं शिया लोगों के लिए 6.02 बजे है। भागलपुर जिले में सुन्नी लोगों के लिए इफ्तार का समय शाम 5.44 बजे है। वहीं शिया लोगों के लिए 5.57 बजे है। पूर्णिया जिले में इफ्तार का समय शाम 5.40 बजे है।
गया जिले में इफ्तार का समय शाम 5.53 बजे है। गया जिले में इफ्तार का समय शाम 5.40 बजे है। औरंगाबाद जिले में इफ्तार का समय शाम 5.53 बजे है। वैशाली जिले में इफ्तार का समय शाम 5.55 बजे है। बक्सर जिले में इफ्तार का समय शाम 5.55 बजे है। सासाराम जिले में इफ्तार का समय शाम 5.56 बजे है। छपरा जिले में सुन्नी के लिए इफ्तार क समय 5.55 बजे है। वहीं शिया के लिए 6.02 बजे से है। सीवान में इफ्तार का समय शाम 5.55 बजे है। बांका जिले में इफ्तार का समय शाम 5.46 बजे है।
गोपालगंज जिले में इफ्तार का समय शाम 5.57 बजे है। बिहारशरीफ जिले में इफ्तार का समय शाम 5.53 बजे है। कैमूर जिले में इफ्तार का समय 5.56 बजे है। समस्तीपुर में सुन्नी के लिए इफ्तार का समय शाम 5.50 बजे है। दरभंगा जिले में इफ्तार का समय सुन्नी लोगों के लिए शाम 5.56 बजे है तथा शिया के लिए 5.47 बजे है।
रमजान का महीना इस्लाम में सबसे पवित्र और बाबरकत महीना है, जिसमें जन्नत के दरवाजे खोल दिए जाते हैं। जहन्नुम के दरवाजे बंद होते हैं और शैतान कैद कर दिए जाते हैं। इसी महीने में रोजा रखने से पिछले गुनाह माफ कर दिए जाते हैं। हर नेकी का सवब 70 गुना तक होता है। यह महीना जन्नत हासिल करने और अल्लाह के करीब होने का सबसे अच्छा समय है। जिसे इबादत, कुरान की तिलावत और नेक कामों में गुजारना चाहिए।
रमज़ान का चांद दिखने के बाद अगले दिन से पवित्र महीने का आगाज़ हो जाता है और अगले 30 दिन तक मुसलमान सूर्योदय से सूर्यास्त तक खाते-पीते नहीं है। साथ में शाम में मस्जिदों में विशेष नमाज़ अदा की जाती है जिसे 'तराहवी' कहा जाता है। इस नमाज़ में पूरे कुरान का पाठ किया जाता है।




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