तीन घंटे में पशुपतिनाथ और 2 घंटे में देवघर, इस एक्सप्रेसवे से मुंगेर से नेपाल जाना भी होगा आसान
माना जा रहा है करीब 250 किलोमीटर लंबे इस प्रस्तावित एक्सप्रेसवे से दोनों प्रमुख तीर्थस्थलों के बीच यात्रा समय 13-14 घंटे से घटकर लगभग 2-3 घंटे रह जायेगी। गौरतलब है कि बिहार सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में सड़क निर्माण परियोजनाओं के लिए 8,260 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।

नेपाल स्थित पशुपतिनाथ से मुंगेर होते हुए देवघर के प्रस्तावित एक्सप्रेस वे के निर्माण से बिहार के मुंगेर जिले में रहने वाले लोगों में खुशी छा गई है। फोर लेन, सिक्स लेन, ग्रीन कॉरिडोर और गंगा पथ जैसे सड़कों के जाल से जुड़े मुंगेर जिले के लोगों को एक और सिक्स लेन एक्सप्रेसवे मिलने से यहां के लोगों में खुशी छा गयी है। यह एक्प्रेसवे यहां के लोगों को नया आयाम देगा। पशुपतिनाथ और देवघर के बीच में बसे मुंगेर के लोग अब लगभग तीन घंटे में पशुपतिनाथाथ तो दो घंटे में से देवघर पहुंच सकेंगे। यहां के लोगों को कहना है कि यह परियोजना भारत और नेपाल के बीच धार्मिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संपर्क को नई गति देगी।
इसके अलावा यह मुंगेर से नेपाल जाने का सबसे नजदीकी रास्ता होगा। चैंबर ऑफ कॉमर्स, मुंगेर सेवा मंच, लायंस क्लब आदि संगठनों ने पथनिर्माण मंत्री की घोषणा पर खुशी जाहिर की है। रविवार को अपनी प्रतिक्रिया देते हुए चैंबर के अध्यक्ष आशोक सितारिया ने कहा कि प्रस्तावित एक्सप्रेसवे असरगंज से संग्रामपुर तक के लोगों को रोजगार के नए अवसर देगा। जिन किसानों की जमीन का अधिग्रण होगा उनकी आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ हो सकेगी।
मंगलवार को विधानसभा में की थी घोषणा
गौरतलब है कि पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने मंगलवार को बिहार विधानसभा में यह घोषणा की थी कि नेपाल के पशुपतिनाथ से बिहार होते हुए झारखंड के बैद्यनाथ धाम तक पशुपतिनाथ-बैद्यनाथ धाम हाई-स्पीड कॉरिडोर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा है कि लगभग 250 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे काठमांडू से भीमनगर और बीरपुर होते हुए बिहार के सुपौल जिला में भारतीय सीमा में प्रवेश करेगा।
करीब 250 किलोमीटर लंबा होगा एक्सप्रेसवे
इसके बाद यह मधेपुरा, सहरसा, खगड़िया, मुंगेर और बांका जिलों से होते हुए झारखंड के देवघर जिले स्थित बैद्यनाथ धाम तक पहुंचेगा। माना जा रहा है करीब 250 किलोमीटर लंबे इस प्रस्तावित एक्सप्रेसवे से दोनों प्रमुख तीर्थस्थलों के बीच यात्रा समय 13-14 घंटे से घटकर लगभग 2-3 घंटे रह जायेगी। गौरतलब है कि बिहार सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में सड़क निर्माण परियोजनाओं के लिए 8,260 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जिसमें इस हाई-स्पीड कॉरिडोर को भी प्रमुख योजना माना जा रहा है।




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